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ब्लेयर-मनमोहन के बीच द्विपक्षीय वार्ता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच राजस्थान के उदयपुर में बातचीत हुई है. ये बैठक पहले हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में होने वाली थी. दोनों नेता उदयपुर में बातचीत के बाद वापस दिल्ली आ जाएँगे और वे नेता एक संवाददाता सम्मेलन को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे. ब्रिटेन और भारत के बीच प्रति वर्ष दस अरब डॉलर का व्यापार होता है और इसे बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है. ब्रिटेन भारत में तीसरा सबसे बड़ा पूँजी निवेश करने वाला देश है. बुधवार को हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त कार्ययोजना की घोषणा की थी. टोनी ब्लेयर यूरोपीय संघ के अध्यक्ष हैं और वे भारत का दौरा इसी नाते कर रहे हैं. भारत आने से पहले ब्लेयर चीन के दौरे पर थे. रिश्ता ब्लेयर के साथ यूरोपीय संघ का एक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है. बीबीसी संवाददाता निक ब्रायंट का कहना है कि जहाँ कभी भारतीय नेता यूरोपीय देशों की ओर मदद के लिए देखते थे वहीं यूरोप अब भारत के साथ बराबरी का रिश्ता चाहता है. उनका कहना है कि दोनो पक्ष चाहते हैं कि क़रीबी आर्थिक सहयोग से उन्हें फ़ायदा हो. बुधवार को प्रधानमंत्री ब्लेयर ने यूरोपीय संघ के वर्तमान अध्यक्ष के नाते प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की थी और गुरुवार को भारत-ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मनमोहन सिंह ब्रितानी प्रधानमंत्री ब्लेयर के साथ यूरोपीय किसानों की दी जाने वाली सब्सिडी पर भी बात कर सकते हैं. भारत का मानना है कि इसकी वजह से भारतीय कृषि उत्पाद यूरोपीय बाज़ारों में मुक़ाबला नहीं कर पाते. |
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