|
इतालवी नदी में कोकेन के अवशेष | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
किसी भी इलाक़े में मादक पदार्थों के इस्तेमाल के बारे में कई तरह से पता चल जाता है. लेकिन वैज्ञानिकों को इटली के उत्तरी भाग में कोकेन के इस्तेमाल के बारे में एक अनोखे ढंग से पता चला है. उत्तरी इटली में विज्ञानिकों ने पो नदी के पानी में भारी मात्रा में मादक पदार्थ कोकेन के अवशेष पाए हैं. इससे पता चला है कि आसपास के इलाक़े में कोकेन का इस्तेमाल चल रहा है. ब्रिटेन की पर्यावरण संबंधी एक पत्रिका को अपनी जाँच से ये पता चला है. पत्रिका के अनुसार विज्ञानिकों ने पाया, "जाँच से पता चला है कि पो नदी के आसपास कोकेन की ख़पत कम से कम 1500 किलोग्राम है जिसकी कीमत लगभग 15 करोड़ डॉलर है." पो नदी के आसपास के क्षेत्र में लगभग 50 लाख लोग रहते हैं. महत्वपूर्ण है कि बेंज़ोएलेकजोनिन या बीई नाम का रसायन कोकेन इस्तेमाल करने वालों के पेशाब में पाया जाता है. इसी के आधार पर पो नदी के पानी पर की गई जाँच से उस क्षेत्र में कोकेन के बढ़ते इस्तेमाल का पता चला है. अब वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि वे गाँजा और चरस जैसे मादक पदार्थों के इस्तेमाल के बारे में भी इसी आधार पर जाँच कर पाएँगे. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||