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1971 की 'बिच' 2005 में 'महान नेता' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व अमरीकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने भारत के बारे में की गई अपनी टिप्पणियों के लिए अफ़सोस प्रकट किया है. इसी सप्ताह पुराने दस्तावेज़ों के आधार पर मीडिया में ऐसी ख़बरें आई थीं कि 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद किसिंजर ने राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के साथ बातचीत में कहा था, "भारतीय हरामी (बास्टर्ड) हैं." राष्ट्रपति के साथ इस बातचीत में किसिंजर ने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को 'बिच' कहा था. यह शीतयुद्ध के दौर की घटना है जब अमरीका भारत को सोवियत संघ के सहयोगी के रूप में देखता था. शीतयुद्ध के समय के गोपनीय दस्तावेज़ों को इसी सप्ताह जारी किया गया है जिनसे अमरीकी विदेश नीति के बारे में कई दिलचस्प जानकारियाँ मिलती हैं. इन्हीं दस्तावेज़ों के मुताबिक़, निक्सन ने इंदिरा गाँधी को बूढ़ी चुड़ैल (ओल्ड विच) कहा था. इंटरव्यू अमरीका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने भारत के एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा है कि उनकी इन बातों से अमरीका की भारत संबंधी नीति के बारे में निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए. 82 वर्षीय किसिंजर ने कहा, "मैंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया उसके लिए मुझे अफ़सोस है, एक राजनेता के तौर पर इंदिरा गाँधी का बहुत अधिक सम्मान करता हूँ." उन्होंने कहा, "असल बात ये है कि उस समय हमारे मक़सद अलग-अलग थे लेकिन इतना ज़रूर है कि वे एक महान नेता थीं जिन्होंने अपने देश की जनता के लिए बहुत कुछ किया." किसिंजर ने स्पष्ट किया कि उनकी और राष्ट्रपति की बातचीत 'औपचारिक बातचीत' नहीं थी. किसिंजर ने कहा, "इस तरह हमने अपना गुस्सा निकाला क्योंकि हम दोनों को लग रहा था कि बैठक नाकाम रही थी." 1970 के दशक में अमरीका के शक्तिशाली विदेश मंत्री रहे किसिंजर ने कहा, "अमरीका मानता है कि भारत एक अंतरराष्ट्रीय शक्ति है, भारत बड़े मुद्दों पर अमरीका का साझीदार है." रिचर्ड निक्सन और हेनरी किसिंजर के बयानों पर भारत में तीख़ी प्रतिक्रिया हुई है और काँग्रेस पार्टी ने ख़ास तौर पर विरोध प्रकट किया है. |
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