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वाटरगेट के 'डीप थ्रोट' से पर्दा हटा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अख़बार वाशिंगटन पोस्ट ने इस बात की पुष्टि की है कि 1974 के वाटरगेट स्कैंडल के बारे में गुप्त जानकारी संघीय जांच ब्यूरो ( एफबीआई) के पूर्व उपप्रमुख ने दी थीं. वैनिटी फ़ेयर पत्रिका ने ख़बर छापी थी कि एफबीआई के पूर्व उपप्रमुख मार्क फ़ेल्ट ने यह बात मान ली है. पिछले कई दशकों से यह बात पूर्ण रुप से गुप्त थी कि वाटरगेट मामले में गुप्त जानकारी मीडिया को किसने दी थी. वाटरगेट मामला उछलने के बाद 1974 में तत्कालीन रिपब्लिकन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को इस्तीफ़ा देना पड़ा था. इस पूरे मामले की जानकारी वाशिंगटन पोस्ट अख़बार में छपी थी और अख़बार के रिपोर्टरों बॉब वुडवार्ड और कार्ल बर्नस्टीन को मार्क फ़ेल्ट ने जानकारियां मुहैया कराई थीं. हालांकि वैनिटी फेयर में ख़बर छपने के बाद भी रिपोर्टरों ने अपने गुप्त स्त्रोत का नाम बताने से इंकार कर दिया था. लेकिन मंगलवार को वुडवार्ड ने स्पष्ट किया कि मार्क फ़ेल्ट ही वह गुप्त स्त्रोत थे. वुडवार्ड का बयान वाशिंगटन पोस्ट की वेबसाइट पर छपा है. 91 वर्षीय फ़ेल्ट ने वैनिटी फेयर पत्रिका से कहा था " मैं वही व्यक्ति हूं जिन्हें अख़बार वाले "डीप थ्रोट" कहते थे. जब यह स्कैंडल उछला था तो गुप्त स्रोत को यही नाम दिया गया था. यह उस समय की प्रसिद्ध अश्लील फ़िल्म के नाम से लिया गया था.
फ़ेल्ट ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले ही अपने परिवार वालों को ये राज़ बताया कि वाटरगेट मामले में जानकारियां देने वाले वही थे. फ़ेल्ट और रिपोर्टर वुडवार्ड के बीच जानकारियों के आदान प्रदान का भी गुप्त रास्ता होता था. वुडवार्ड किसी ऐसी खिड़की पर एक फूलों का गमला रख देते थे जिसके बारे में दोनों जानते थे और फिर निर्धारित समय पर अंडरग्राउंड कार पार्क में मुलाक़ात होती थी. वाटरगेट मामले में पहली बार ऐसा हुआ था कि अमरीका के किसी राष्ट्रपति को इस्तीफ़ा देना पड़े. कहानी कुछ यूं थी कि 1972 में वाटरगेट इमारत में डेमोक्रेटिक पार्टी के एक कार्यालय में चोरी हुई और इसके बाद इस मामले की लीपापोती कर दी गई. आगे चलकर पता चला कि वाटरगेट इमारत में यह कार्रवाई करने वाले लोग राष्ट्रपति निक्सन से जुड़े हुए थे. |
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