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निक्सन ने इंदिरा को 'बूढ़ी डायन' कहा था | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय के गोपनीय दस्तावेज़ों से यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है कि पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था और उन्हें 'बूढ़ी डायन' कहा था. अमरीकी राष्ट्रपति निक्सन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हेनरी किसिंजर 5 नवंबर, 1971 को ओवल कार्यालय में मिले थे. इस बातचीत में किसिंगर ने निक्सन की एक दिन पहले इंदिरा गाँधी के साथ हुई बातचीत पर चर्चा की थी. इस बातचीत के ब्यौरे के अनुसार निक्सन ने इंदिरा गाँधी को 'बूढ़ी डायन' बताते हुए कहा था, ''हमने .... उनके (इंदिरा गाँधी) साथ भावुकतापूर्ण बातचीत की.'' यह भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 का युद्ध शुरू होने से पहले का समय था और इन दस्तावेज़ों से उस दौरान की अमरीकी विदेश नीति का भी आभास होता है. उस दौर में अमरीका पाकिस्तान का समर्थन कर रहा था और भारत सोवियत संघ के क़रीब था. किसिंजर ने भी इस बातचीत में भारतीय लोगों के लिए भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया. किसिंजर ने कहा, ''वो (इंदिरा गाँधी) घर जाकर यह नहीं कह सकतीं कि अमरीका ने उनका गर्मजोशी से स्वागत नहीं किया इसलिए निराश होकर उन्हें जंग छेड़नी पड़ी.'' ब्रिटेन के 30 साल पुराने गोपनीय सरकारी दस्तावेज़ों में भी उस संघर्ष का ज़िक्र है जिसके बाद पूर्वी पाकिस्तान अलग होकर बांग्लादेश बना था. दिसंबर, 1971 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एडवर्ड हीथ और अमरीका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के बीच हुई बरमूडा शिखर वार्ता से संबंधित दस्तावेज़ों में इसका उल्लेख है. दस्तावेज़ों के अनुसार भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने ब्रिटेन की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री हीथ को बताया कि उनके मंत्रिमंडल का उन पर काफ़ी दबाव है कि पाकिस्तान की ज़मीन पर क़ब़्जा करके उसे वापस न किया जाए. |
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