|
लेबर विजय की ओर बढ़ी लेकिन कम बहुमत से | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और उनकी लेबर पार्टी के तीसरी बार भी सत्ता में आने के आसार साफ़ नज़र आ रहे हैं लेकिन पहले से कम बहुमत के साथ. अब तक मिले चुनावी नतीजों के अनुसार प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ और वित्त मंत्री गोर्डन ब्राउन अपनी-अपनी सीटों पर विजयी रहे हैं. ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री जॉन प्रेस्कॉट ने चुनावी नतीजों का स्वागत करते हुए इसे लेबर पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक रात बताया है. उन्होंने अपनी सीट काफ़ी बड़े बहुमत से जीती हालाँकि लिबरल डेमोक्रेट्स के हाथों उन्हें अपने कुछ वोट खोने भी पड़े. मतदान के बाद आए एक्ज़िट पोल में कहा गया है कि प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी ने इस बार फिर बढ़त हासिल की है लेकिन उसका बहुमत पहले से कम है. एक सर्वेक्षण में लेबर पार्टी के 37 प्रतिशत वोट बताए गए हैं और विपक्षी कंज़रवेटिव पार्टी के हिस्से में 33 और लिबरल डेमोक्रैट के हिस्से में 22 प्रतिशत मतदान हुआ है. यदि इन सर्वेक्षणों की पुष्टि हो जाती है तो इससे लेबर को हाउज़ ऑफ़ कॉमन्स में साठ से सत्तर सीटों की बढ़त हासिल होगी जो पिछली बार यानी 2001 के चुनाव में मिली सीटों से सौ सीटें कम है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||