|
रोमियो-जूलियट की याद दिलाई... | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रोमियो-जूलियट की कहानी हो या फिर हीर रांझा की दास्तान, समय का वर्क इन कहानियों के जादू को कम नही कर सका है. पर अब ये किरदार केवल कहानियाँ नहीं बल्कि असल ज़िदगी का हिस्सा बन गए हैं. इटली में एक पति ने अपनी जान तब ले ली जब उन्हें चार महीने से 'कोमा' में गई अपनी पत्नी के वापस होश में आने की कोई आशा नहीं रही. पर जब 67 वर्षीय उनकी पत्नी रोसैना को होश आया तो सबसे पहले उन्होंने अपने पति के बारे में ही पूछा. इस घटना ने सबको शेक्सपीयर के नाटक रोमियो-जूलियट की याद दिला दी. संयोग ये कि असल जीवन की ये घटना इटली के पदुआ नाम की जगह में हुई जो कि वेरोना नाम के स्थान से 60 किलोमीटर दूरी पर स्थित है.वेरोना वो जगह है जहाँ रोमियो-जूलियट की कहानी बसी थी. रोसेना के पति इतोर की उम्र 71 साल थी. पिछले सितंबर माह से वे अपनी पत्नी की देखरेख में लगे थे. उनकी पत्नी दिल का दौरा पड़ने के बाद 'कोमा' में चली गई थी. वे दिन रात अपनी पत्नी के ठीक होने की राह देखते. अंत में उनका धैर्य और विश्वास जवाब दे गया और उन्होने आत्महत्या कर ली. उनकी मौत के 12 घंटे के बाद रोसैना कोमा से बाहर आ गई और सबसे पहले अपने पति के बारे में पूछा. इस दंपत्ति की कोई औलाद नहीं है. शेक्सपीयर के नाटक रोमियो-जूलियट में जूलियट अपने प्रेमी रोमियो के साथ भागने की योजना के तहत ज़हर पीकर मरने का नाटक करती है पर रोमियो उसे असल में मृत समझ अपनी जान ले लेता है. जब जूलियट जागती है तो रोमियो को मरा देख अपनी जान भी ले लेती है. रोमियो-जूलियट की ये त्रासदी आज तक केवल शेक्सपियर के नाटक के रूप में ज्यादा याद की जाती रही है पर किसे मालूम असल ज़िदगी में भी कहानियो को हक़ीक़त का रंग देने वाले कम नहीं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||