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घुड़सवारी में नशा या नशे में घुड़सवारी! | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अगर आप शराब पीकर कार चलाने से घबराते हैं या आपको क़ानून टूटने का डर है तो स्टीयरिंग के बदले घोड़े की लगाम पकड़कर आप ऐसा ज़रूर कर सकते हैं. यानी अगर आप ख़ूब शराब पीकर कार के बजाय घोड़े पर बैठें तो हो सकता है आप पर सड़क का नियम लागू ना हो. ऐसा ही कुछ हुआ है अमरीका में, जब दुर्घटना में शामिल दो घुड़सवारों को अदालत ने इस आधार पर बरी कर दिया कि उन पर सड़क के क़ानून लागू नहीं होते. हालाँकि वे दोनों शराब के नशे में धुत्त थे और दोनों के घोड़े एक कार से टकरा गए. कार चालक को तो जुर्माना हो गया लेकिन घुड़सवार इसलिए बच गए क्योंकि जज को लगा कि वे मोटरगाड़ी थोड़े ही चला रहे थे. अदालत ने कहा कि घोड़ों को मोटर कार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता इसलिए घुड़सवारों को शराब पीकर ड्राइविंग करने का दोषी नहीं पाया जा सकता. पेन्सिलेवेनिया राज्य के सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले से ख़ासा विवाद खड़ा हो गया है और वहाँ के अख़बार विशेषज्ञों की टिप्पणियों से भरे पड़े हैं. अप्रैल 2002 में कीथ ट्रेविस और रिचर्ड नोएल एक हाइवे पर घुड़सवारी कर रहे थे कि एक घुड़सवार को पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी. जाँच के बाद पाया गया कि ट्रक चालक भी नशे में धुत्त था. जब यह मामला अदालत में पहुँचा तो जज ने दोनों घुड़सवारों के ख़िलाफ़ आरोप यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि घोड़ों को वाहन की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता. इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई लेकिन वहाँ से भी यही फ़ैसला बरक़रार रहा. |
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