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मिस्र के राजनयिक को रिहा किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी विद्रोहियों ने मिस्र के जिस राजनयिक मोहम्मद ममदूस क़ुतुब को शुक्रवार को अपहरण किया था उन्हें छोड़ दिया है. इससे पहले अरब टीवी चैनलों पर प्रसारित वीडियो में इन विद्रोहियों ने कहा था कि वो इस राजनयिक को इसीलिए बंधक बना रहे हैं क्योंकि मिस्र ने इराक़ की अंतरिम सरकार को सुरक्षा मामलों में सहयोग करने की बात कही थी. बग़दाद से बीबीसी संवाददाता कैरोलीन हाओली का कहना है कि मोहम्मद क़ुतुब अब अपने सहयोगियों के पास सकुशल पहुँच गए हैं. विद्रोहियों ने इस शुक्रवार को बग़दाद में उनका अपहरण तब किया था जब वो मस्जिद में नमाज़ अदा करके बाहर निकल रहे थे. सौदेबाज़ी नहीं ख़ुद क़ुतुब का कहना है कि उनको छोड़ने के लिए विद्रोहियों की कोई शर्त नहीं मानी गई है लेकिन मिस्र की राजधानी काहिरा में अधिकारियों ने संकेत दिए कि विद्रोहियों से इस विषय में बात तो हुई है. मिस्र ने पिछले हफ़्ते ये कहा था कि वो इराक़ी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण दे सकता है. लेकिन इस घोषणा के बावजूद मिस्र तुरंत ऐसा करने के लिए तैयार नज़र नहीं आ रहा था. इस बंधक संकट के बाद संभव है कि इराक़ की अंतरिम सरकार की सहायता करने को लेकर मिस्र को जो संशय थे वो और बढ़ जाएँगे. वैसे इराक़ी राजनयिक के छोड़े जाने के बाद भी लगभग 20 अन्य विदेशी नागरिकों को इराक़ी विद्रोहियों ने बंधक बनाकर रखा हुआ है जिनमें से तीन भारतीय हैं. |
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