| राजनयिक का अपहरण, समयसीमा बढ़ाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में मिस्र के एक राजनयिक को बंधक बना लिया है. बग़दाद स्थित मिस्र के दूतावास के अनुसार कुछ बंदूकधारियों ने बग़दाद में उनके राजनयिक का अपहरण कर लिया. अरबी टीवी चैनल अल जज़ीरा ने अपहर्ताओं की तरफ़ से भेजे गए एक वीडियोटेप का प्रसारण किया है जिसमें इस राजनयिक को छह नक़ाबपोश बंदूकधारियों के बीच बैठा हुआ दिखाया गया है. अपहर्ता अपने आप को लायंस ऑफ़ अल्लाह ब्रिगेड नामक गुट का सदस्य बता रहे हैं. बंधक बनाए गए राजनयिक का नाम मोहम्मद मम्दौह कुतुब बताया गया है. उधर समाचार मिला है कि इराक़ में तीन भारतीयों समेत सात विदेशी नागरिकों को बंधक बनाने वाले अपने अपहर्ताओं ने अपनी माँगें पूरी होने की 48 घंटे की नई समयसीमा दी है. पहले इन अपहर्ताओं ने अपनी माँगें मनवाने के लिए 72 घंटे की मियाद रखी थी जो शनिवार को समाप्त हो रही थी. राजनयिक का अपहरण अरबी चैनल अल जज़ीरा पर प्रसारित टेप में अपहर्ताओं ने कहा है कि उन्होंने मिस्र सरकार के इराक़ सरकार को सहयोग देने के जवाब में ये क़दम उठाया है. मिस्र के प्रधानमंत्री अहमद नज़ीफ़ ने कहा था कि उनका देश अंतरिम इराक़ी सरकार को सुरक्षा मामलों में अपना सहयोग देने को तैयार है. बीबीसी संवाददाता कैरोलीन हावली के अनुसार इराक़ युद्ध के बाद शायद ये पहला ऐसा मौका है जब किसी राजनयिक का अपहरण हुआ है. इस वर्ष के आरंभ से इराक़ में विदेशियों को बंधक बनाने का सिलसिला शुरू हुआ मगर किसी राजनयिक का अपहरण पहली बार हुआ है. बंधक संकट बरक़रार
इस बीच तीन भारतीयों समेत छह अन्य विदेशी नागरिक के बंधक बनाए जाने का संकट अभी भी बना हुआ है. इनमें तीन भारतीय, तीन कीनियाई और एक नागरिक मिस्र का है. अपहर्ताओं ने इन तीनों देशों से इराक़ से अपनी फ़ौज हटाने की माँग की है जबकि भारत ने इराक़ में कोई सेना भेजी ही नहीं है. बंधक बनाए गए तीनों लोग कुवैत की एक कंपनी के लिए काम करते हैं जो इराक़ में अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ सहयोग कर रही है. अपहर्ताओं ने उस कुवैती कंपनी 'कुवैत एंड गल्फ़ लिंक ट्रांसपोर्ट' (केजीएल) से अपने सभी कर्मचारियों को इराक़ से वापस हटाने की भी माँग की है. अल जज़ीरा के अनुसार अपहर्ताओं ने कंपनी से उन इराक़ियों के परिवारों को मुआवज़ा भी देने को कहा है जो इस साल फ़लूजा में अमरीकी सैनिकों के साथ लड़ाई में मारे गए थे. |
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