|
अल क़ायदा के सफ़ाए का ईरान का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान ने दावा किया है कि उसने देश में मौजूद अल क़ायदा नेटवर्क की सभी शाखाओं का पता लगाकर उनका सफ़ाया कर दिया है. सरकारी टीवी के अनुसार ख़ुफ़िया मामलों के मंत्री अली यूनेसी ने बताया कि उनके मंत्रालय ने अल क़ायदा के आतंकवादी कामों पर रोक लगा दी है. वैसे इस प्रसारण में ऐसे किसी अभियान की कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही ये बताया गया कि कितने लोग हिरासत में लिए गए हैं. इससे पहले ईरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी कार्रवाई के दौरान अल क़ायदा के जो नेता भागे उन्हें ईरान शरण दे रहा है. ईरान के विदेश मंत्री कमाल ख़राज़ी ने जनवरी में घोषणा की थी कि ईरान में हिरासत में लिए गए अल क़ायदा के 12 संदिग्ध सदस्यों पर मुक़दमा चलाया जाएगा. मगर उन्होंने भी ये नहीं बताया कि ये मुक़दमा कब चलेगा. सऊदी सूत्रों ने पिछले साल कहा था कि ईरान की हिरासत में जो लोग हैं उनमें अल क़ायदा के प्रवक्ता सुलेमान अबू ग़एथ और ओसामा बिन लादेन के बेटे साद बिन लादेन के भी होने की संभावना है. ओसामा के सुरक्षा प्रमुख सैफ़ अल-आदिल के भी इसी देश में होने की आशंका व्यक्त की जाती रही है. उन्हें संगठन में तीसरे नंबर का नेता माना जाता है और ये भी माना जाता है कि 11 सितंबर 2001 को जिन अपहर्ताओं ने विमान का अपहरण किया था उन्हें अल-आदिल ने ही प्रशिक्षण दिया था. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||