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योग को लेकर रोमानिया में हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत का योग दुनिया भर में लोकप्रिय है, ज़ाहिर है कि रोमानिया में भी है लेकिन इन दिनों वहाँ योग को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है. रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में दो हज़ार योग प्रेमियों ने मानव श्रृंखला बनाकर संसद भवन को घेर लिया. उनका आरोप है कि सरकार उन्हें योग करने से रोक कर मानवाधिकार का हनन कर रही है. दरअसल योग से जुड़ी एक संस्था के लोगों पर सरकार ने आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप लगाया है लेकिन संस्था के लोग इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं. भारत में योग साधना की शुरुआत हुई थी लगभग पाँच हज़ार साल पहले. इसका उद्देश्य होता है शरीर और मन के बीच बेहतर तालमेल बनाना. लेकिन लगता है योग रोमानिया में केवल लोगों में तालमेल बिगाड़ रहा है. आरोप इस विवाद के घेरे में योग साधना का प्रचार करने वाला एक गुट है, जिसका नाम है 'मूवमेंट ऑफ़ स्पिरिचुअल इंटिग्रेशन इन टू एब्लोल्यूट'. इस गुट के कई सदस्यों की कालेधन के घपले, और अश्लील सामग्री का वितरण करने के मामलों में जाँच हो रही है. हालाँकि ये लोग इन आरोपों का खंडन करते हैं और कहते हैं कि रोमानिया की सरकार घरेलू मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए उन पर निशाना साध रही है. मगर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन लोगों को वास्तव में क्यों निशाना बनाया जा रहा है. जब से जाँच शुरु हुई है गुट के सदस्यों का कहना है कि योग साधना को रोकने की कोशिशें की जा रही हैं. उन्हें योग के अभ्यास के लिए जगह देने वाले लोगों को फोन करके ऐसा करने से मना किया जा रहा है. योग साधना सिखाने वाले स्कूलों का भी कहना है कि उनकी शिक्षा सामग्री, पुस्तकें और कंप्यूटर ज़ब्त कर लिए गए हैं. सरकार के इन क़दमों के विरोध में लगभग दो हज़ार लोगों ने हाथ से हाथ पकड़ कर पूरे संसद भवन के गिर्द लगभग तीन किलोमीटर लंबी श्रृंखला बना ली थी. यह विरोध प्रदर्शन सरकारी जाँच की शुरुआत के सौवें दिन के अवसर पर हुए हैं और इसका उद्देश्य इस विवाद को मानवाधिकार उल्लंघन के मामले के रूप में रखना है. |
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