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सेना भेजने पर फ़ैसला होना बाकी: नटवर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा है कि भारत ने अभी यह तय नहीं किया है कि क्या इराक़ में बहुराष्ट्रीय बल में उसके सैनिक शामिल होंगे. नटवर सिंह ने गुरुवार को वाशिंग्टन में अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल से मुलाक़ात की. भारत की नई सरकार के किसी मंत्री की यह पहली अमरीका यात्रा है. पॉवेल के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में नटवर सिंह ने इराक़ में सेना भेजे जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा, "हमारी गठबंधन सरकार है, इसलिए इस मामले पर सरकार और सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति विचार करेगी." उन्होंने कहा कि पिछली संसद ने एक प्रस्ताव पारित किया था कि इराक़ में भारतीय सैनिक नहीं भेजे जाएँगे लेकिन अब पहले जैसी स्थिति नहीं है. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार नटवर सिंह ने कहा, "अब स्थिति बदल चुकी है. हमारे सामने संयुक्त राष्ट्र का सर्वसम्मति से पारित एक प्रस्ताव है, जिस पर अरब सदस्यों की भी स्वीकृति है. हम इस पर सावधानीपूर्वक ग़ौर करेंगे." उन्होंने कहा, "लेकिन मैं इस बात पर ज़ोर देना चाहूँगा कि सरकार के उच्चतम स्तर पर इस पर विचार किया जाएगा. इसलिए अभी हाँ या नहीं कहना उचित नहीं होगा." पॉवेल ने कहा कि अमरीका भारत के साथ अपने संबंधों को न सिर्फ़ मज़बूत रखना चाहता है, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों को और आगे बढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि दोनों देश एक आतंकवादमुक्त और लोकतांत्रिक विश्व के प्रति कटिबद्ध हैं. |
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