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ब्लंकेट ने हमज़ा की जाँच की हिमायत की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के गृह मंत्री डेविड ब्लंकेट ने कट्टर मुस्लिम मौलवी अबू हमज़ा की जाँच ब्रिटेन में ही कराए जाने की हिमायत की है. ग़ौरतलब है कि अबू हमज़ा पर अमरीका पर 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों से कोई संबंध होने के आरोप हैं. अमरीका ने अबू हमज़ा को ब्रिटेन से प्रत्यापित करने की भी माँग की है. डेविड ब्लंकेट ने कहा है, "ज़ाहिर है कि अगर हमारे पास अबू हमज़ा के ख़िलाफ़ अपने ही देश से संबंधित सबूत होते तो हम अदालतों के ज़रिए ठोस कार्रवाई करने के लायक़ होते." उन्होंने कहा, "हमने अमरीका सरकार के साथ एक समझौता किया है कि हमज़ा को वहाँ प्रत्यार्पित किए जाने पर अगर वह दोषी तो पाए जाते हैं तो क़ैद की सज़ा तो दी जा सकती है लेकिन उन्हें मौत की सज़ा नहीं दी जा सकती."
लेकिन प्रत्यर्पण मामलों के एक विशेषज्ञ वकील का पॉल गार्लिक का कहना है कि एक बार जब हमज़ा अमरीका प्रत्यार्पित कर दिए जाते हैं तो फिर इस गारंटी की कोई वैधानिक अहमियत नहीं रह जाती. ब्रिटेन सरकार ने अबू हमज़ा की नागरिकता समाप्त कर दी है जिसे अबू हमज़ा ने अदालत में चुनौती दी है. अबू हमज़ा को गुरूवार को लंदन में उनके घर से गिरफ़्तार कर लिया गया था और उनके भविष्य पर अभी अनिश्चितता बनी हुई है कि उन्हें क्या अमरीका भेजा जाएगा, अगर हाँ तो कब? जब अबू हमज़ा से यह कहा गया कि क्या वह अमरीका भेजे जाने पर सहमत हो जाएंगे तो वह हँस दिए और कंधे उचकाए. अभी इस पर भी संदेह बरक़रार हैं कि क्या ब्रिटेन सरकार क्या यह अमरीकी सरकार का यह वादा सुनिश्चित कर सकेगी कि अगर अबू हमज़ा दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें फाँसी नहीं दी जाएगी. अमरीका के एटॉर्नी जनरल जॉन एशक्रॉफ़्ट ने गुरूवार को न्यूयॉर्क में अबू हमज़ा के ख़िलाफ़ आरोपों की घोषणा की थी. |
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