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अमरीका के आग्रह पर अबू हमज़ा गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने ब्रिटेन से कहा है कि वह कट्टर मुस्लिम नेता अबू हमज़ा को उनके हवाले कर दे. अमरीका के अटॉर्नी जनरल जॉन एशक्रॉफ़्ट ने कहा कि अबू हमज़ा पर अमरीका के ओरेगॉन राज्य में आतंकवादी कैंप बनाने की कोशिश करने और छह वर्ष पहले यमन में अपहरण के एक मामले से जुड़े होने का आरोप है. अमरीका के आग्रह पर ब्रिटेन में बसे कट्टर मुस्लिम नेता को गुरूवार सुबह गिरफ़्तार किया गया. उनपर 'आतंकवाद' से जुड़े 11 आरोप लगाए गए हैं और अमरीका चाहता है कि उन्हें प्रत्यर्पित किया जाए. एशक्रॉफ़्ट ने कहा कि आरोप साबित होने पर अबू हमज़ा को मौत की सज़ा या उम्र क़ैद की सज़ा दी जा सकती है. विवाद मिस्र में पैदा हुए 47 वर्षीय अबू हमज़ा अल मसरी एक ब्रितानी महिला से शादी के बाद 1981 में ब्रिटेन के नागरिक बन गए थे. वे लंदन के उत्तरी हिस्से फ़िंसबरी पार्क की मस्जिद के इमाम थे मगर उनपर राजनीतिक और व्यक्तिगत भाषण देने का आरोप लगाया गया और 2003 में उनके भाषण देने पर पाबंदी लगा दी गई. मगर अब हमज़ा इस मस्जिद के बाहर से ही भाषण देते हैं. ब्रिटेन सरकार उनकी नागरिकता ख़त्म करना चाहती है और हमज़ा इस फ़ैसले को चुनौती दे रहे हैं. ब्रितानी सरकार ने उनपर चरमपंथी संगठनों को मदद और सलाह देने का आरोप लगाया है जिनमें अल क़ायदा का नाम भी शामिल है. सुनवाई समझा जाता है कि अबू हमज़ा की गिरफ़्तारी के बाद सुनवाई लंबी खिंचेगी जिसके बाद ही उन्हें अमरीका प्रत्यर्पित करने का फ़ैसला हो सकता है. अबू हमज़ा की वकील मुदस्सर अरानी ने कहा कि उन्हें अबू हमज़ा की गिरफ़्तारी पर हैरानी हो रही है. उन्होंने बताया कि उनकी अबू हमज़ा से फ़ोन पर बात हुई है. वे बोलीं, "वे बिल्कुल शांत हैं और उन्होंने कहा है कि आप अपना समय लें और जब सुविधा हो तब आकर मिलें." उन्होंने कहा है कि प्रत्यर्पण का मामला अमरीका में हुई घटना का मामला है और इस संबंध में वे कोई राय देने में असमर्थ हैं. |
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