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सोमवार, 24 मई, 2004 को 10:50 GMT तक के समाचार
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'भारत एक कमज़ोर लोकतंत्र'
पैसे का बोलबाला
भ्रष्टाचार की वजह से भारत कमज़ोर लोकतंत्र
अमरीकी संस्था 'सेंटर फ़ॉर पब्लिक इंटेग्रिटी' की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत भ्रष्टाचार और सरकारी विभागों में जवाबदेही न होने की वजह से एक कमज़ोर लोकतंत्र है.

संस्था ने 25 देशों में साल भर काम करने के बाद उन देशों में लोकतंत्र पर आधारित एक रिपोर्ट तैयार की है जिसका नाम है 'ग्लोबल इंटेग्रिटी रिपोर्ट'.

इस रिपोर्ट में इन देशों की एक सूची बनाई गई है जिसमें भारत को 'कमज़ोर' की श्रेणी में रखा गया है.

भारत में पिछले 20 सालों में फैले भ्रष्टाचार को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट कहती है, "राजनीतिक दलों को मिलने वाले पैसे पर नज़र रखने के लिए कोई असरदार क़ानून नहीं है और यही भारतीय राजनीति या लोकतंत्र की ख़ामी है."

"राजनीतिक दलों को पैसा कहाँ से मिलता है, इस बारे में पारदर्शिता की कमी साफ़ झलकती है. साथ ही इनके लिए अपने खाते सार्वजनिक करना भी ज़रूरी नहीं है."

 पचीस देशों में से एक भी ऐसा नहीं है जिसे भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ काम करने के लिए बहुत मज़बूत श्रेणी में रखा जा सके
ग्लोबल इंटेग्रिटी रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय लोकतंत्र और क़ानूनी ढाँचा भी सही तरह काम नहीं कर पाता क्योंकि सरकार के कामकाज के तरीक़े में पारदर्शिता की कमी है.

रिपोर्ट कहती है, "पारदर्शिता की इसी कमी से अफ़सरशाही की ताक़त बढ़ी है और ताक़त का ग़लत इस्तेमाल हुआ है."

"भ्रष्टाचार पर क़ाबू पाने के लिए भारत में क़ानून तो हैं लेकिन चुनौती उन्हें लागू करने की होती है."

रिपोर्ट कहती है कि आजकल भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई या तो गिने चुने लोगों ने छेड़ रखी है या फिर नागरिक संगठन, कुछेक वचनबद्ध अधिकारी या न्यायपालिका ने.

रिपोर्ट

'ग्लोबल इंटेग्रिटी रिपोर्ट' तैयार की है 150 लोगों की एक टीम ने जिसमें समाज विज्ञानी, शोधकर्ता, पत्रकार, लेखक और संपादक शामिल हैं.

रिपोर्ट में पाँच श्रेणियाँ हैं - बहुत मज़बूत, मज़बूत, ठीक-ठाक, कमज़ोर और बहुत कमज़ोर.

इन लोगों ने पाया कि इन 25 देशों में से एक भी ऐसा नहीं है जिसे भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ काम करने के लिए 'बहुत मज़बूत' श्रेणी में रखा जा सके.

रिपोर्ट तैयार करने वाली संस्था सेटर फ़ॉर पब्लिक इंटेग्रिटी के कार्यकारी निदेशक चार्ल्स लुइस कहते हैं, "देश चाहे अमीर हो या ग़रीब, छोटा हो बड़ा, भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है."

25 में से सिर्फ़ 6 देश 'मज़बूत' श्रेणी में जगह बना पाए. ये देश हैं - अमरीका, पुर्तगाल, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, इटली और दक्षिण अफ़्रीका.

'ठीक ठाक' देशों की श्रेणी में हैं - फ़िलिपीनिस, अर्जेंटीना, मेक्सिको, ब्राज़ील, वेनेज़ुएला और घाना जबकि 'कमज़ोर' देशों की श्रेणी में आए हैं - भारत, नाइजीरिया, निकारागुआ, यूक्रेन, इंडोनेशिया, नामीबिया, तुर्की और रूस.

सबसे कमज़ोर की श्रेणा में रखे गए हैं ग्वाटेमाला और ज़िम्बाब्वे.

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