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भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ समझौता होगा
संयुक्त राष्ट्र भ्रष्टाचार पर एक सम्मेलन कर रहा है. दक्षिण मैक्सिको के मेरीदा में हो रहे इस सम्मेलन में सौ से अधिक सदस्य भाग ले रहे हैं और इसमें एक समझौते पर हस्ताक्षर भी होना है. इस समझौते का मक़सद भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ना और काले धन का पता लगाना है. भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ उठाए गए क़दमों में यह अब तक का सबसे निर्णायक क़दम है. भारत समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में से एक है. पहला भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में यह पहला अंतरराष्ट्रीय क़ानून होगा जो समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों के लिए बाध्यकारी होगा. इस समझौते का उद्देश्य विकासशील देशों को इस बात के लिए बढ़ावा देना है कि वे भ्रष्टाचार को समाज का हिस्सा मान लेने के बजाय उससे लड़ें. इस समझौते पर सभी देशों में अक्तूबर में ही सहमति हो गई थी. समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों को भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ क़ानूनी क़दम उठाने होंगे. दुनिया भर के बैंकों में बेनामी और गुप्त बैंक खातों के साथ ही कालेधन का पता लगाना इसका मुख्य मक़सद होगा. इस समझौते के चलते अधिकारियों को सभी विदेशी खातों का विवरण देना होगा और उस पर लगातार निगाह रखनी होगी. |
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