|
ग्रोज़्नी विस्फोट में चेचन राष्ट्रपति की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के चेचन्या गणराज्य की राजधानी ग्रोज़्नी में एक विस्फोट हुआ है जिसमें चेचन राष्ट्रपति अहमद कादिरॉफ़ मारे गए हैं. मारे जाने वालों की कुल संख्या के बारे में अलग-अलग रिपोर्टें आ रही हैं और ये संख्या छह से 30 के बीच बताई जा रही है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कादिरॉफ़ को एक सच्चा हीरो बताया और उनकी मौत का बदला लेने का संकल्प भी व्यक्त किया. माना जा रहा है कि उनकी हत्या चेचन विद्रोहियों ने की है. उधर चेचन्या के प्रधानमंत्री सर्गेई अब्रामोव राष्ट्रपति की हत्या के बाद की स्थिति के बारे में कैबिनेट में विचार कर रहे हैं. जिस समय ये घटना हुई उस समय प्रधानमंत्री अब्रामोव मॉस्को में थे. उन्हें ही पुतिन ने कार्यकारी राष्ट्रपति घोषित किया है. ग़ौरतलब है कि चेचन्या में पृथकतावादी आंदोलन चल रहा है और राष्ट्रपति अहमद कादिरॉफ़ को रूस सरकार का समर्थक माना जाता था. विस्फोट के बाद काफ़ी समय तक उनकी मौत के बारे में परस्पर विरोधी ख़बरें आ रही थीं लेकिन राष्ट्रपति पुतिन ने कदिरौफ़ की मौत की पुष्टि कर दी. कादिरॉफ़ की मौत को चेचन्या में क़ानून व्यवस्था ठीक रखने की कोशिशों को एक झटका माना जा रहा है. विस्फोट राजधानी ग्रोज़्नी में एक समारोह में हुआ और राष्ट्रपति अहमद कादिरॉफ़ उसी समारोह में भाग ले रहे थे. विस्फोट अतिविशिष्ट व्यक्तियों के बैठने वाली जगह में हुआ. चेचन्या में रूसी सेना के कमांडर वैलेरी बरानौफ़ इस विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए हैं. समारोह
यह समारोह दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाज़ी जर्मनी पर रूस की विजय की याद के रूप में मनाया जा रहा था. बीबीसी के मॉस्को संवाददाता का कहना है कि यह विस्फोट चेचन्या में शांति बहाल करने की रूस सरकार की कोशिशों को एक भारी झटका है. 1990 के दशक में चेचन्या में अलगाववादियों ने रूस से अलग होने की कोशिश की जिसके बाद से अभी तक वहाँ रूसी सेना और अलगाववादियों के बीच लड़ाई चल रही है. रूस ने वैसे तो चेचन्या पर अपना अधिकार बना लिया है मगर इसके बाद भी अलगाववादी चेचन्या और रूस में हमले करते रहे हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||