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सऊदी सरकार का प्रणःचरमपंथ कुचलेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सऊदी अरब सरकार ने यांबू शहर में पाँच पश्चिमी इंजीनियरों की हत्या के बाद चरमपंथियों को सख़्ती से कुचल देने की प्रतिज्ञा की है. सऊदी अरब के शहज़ादे अब्दुल्लाह ने कहा है,"सऊदी सरकार आतंकवाद का सफ़ाया कर देगी भले ही उस में कितना ही समय क्यों न लग जाए." यांबू नगर में बंदूकधारियों ने शनिवार को दो अमरीकी, दो ब्रिटिश, एक ऑस्ट्रेलियाई और एक सऊदी सुरक्षाकर्मी को मार डाला था. अधिकारियों ने बताया है कि सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से भागे चारों हमलावरों का पीछा किया और फिर उन्हें गोलियों से मार दिया. हमला यह हमला नगर में एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र के बाहर एक दफ़्तर में हुआ. इस पेट्रोकेमिकल संयंत्र की में अमरीकी फ़र्म एक्ज़ोन-मोबिल की भी हिस्सेदारी है. सऊदी अरब ने कहा है कि तीन बंदूकधारी इसी कारख़ाने में काम करते थे और उन्होंने अंदर जाने के लिए अपने एंट्री पास इस्तेमाल किये. चौथे हमलावर को वे चोरी-छिपे अपने साथ ले गए. अल क़ायदा ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि इस हमले के पीछे अल-क़ायदा का हाथ हो सकता है. ऑस्ट्रेलिया के के विदेश मंत्री अलेक्ज़ेंडर डाउनर ने एक ऑस्ट्रेलियाई टेलीविज़न स्टेशन को बताया,"अल-क़ायदा के लोग सऊदी अरब में बहुत सक्रिय हैं, जहाँ अल-क़ायदा का एक मुख्य लक्ष्य शासन का तख़्ता पलट देना है". उन्होंने कहा है कि इससे सहज ही यह मान कर चला जा सकता है कि इस हमले के पीछे इस्लामी चरमपंथी नेटवर्क का हाथ है. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने इसे आतंकवाद की घृणित कार्रवाई बताया है. सउदी अरब में अमरीकी राजदूत, जेम्स सी. ऑबरवैटर ने कहा है कि वे “सऊदी अधिकारियों द्वारा आतंकवाद से ख़िलाफ़ लड़ाई में किये जा रहे सभी प्रयासों की क़द्र करते हैं”. दुष्टता का तांडव
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने कहा है कि शनिवार के हमले में एक अमरीकी, एक कनेडियाई और एक पाकिस्तानी नागरिक भी ज़ख़्मी हो गए हैं. सरकारी समाचार एजेंसी के हवाले से एक अधिकारी ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है कि इस हमले में मारे गए एक विदेशी की लाश को हमलावरों ने नगर की सड़कों पर घसीटा था. ब्रिटेन में सऊदी अरब के राजदूत, शहज़ादे तुर्की अल-फ़ैसल ने इस हमले को 'अंधाधुंध की गई दुष्ट कार्रवाई' बताया है. इस हमले में मारे गए चार पश्चिमी नागरिक स्वीडिश-स्विस इंजीनियरिंग कंपनी, ए.बी.बी. के लिए काम कर रहे थे. पाँचवें विदेशी नागरिक को कंपनी के लिए काम करने के लिए सब-कॉन्ट्रक्ट किया हुआ था. चरमपंथ का बढ़ता ख़तरा सउदी अरब में मुख्य रूप से विदेशियों को निशाना बना कर, पिछले एक साल से इस्लामी चरमपंथ की लहर चल रही है. राजधानी रियाध में आत्म-घाती बम हमलों में पचास से भी अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें पिछले महीने सुरक्षा बलों की एक इमारत पर हुआ हमला भी शामिल है. लेकिन यांबू में हुआ यह हमला सऊदी अरब में तेल उद्योग पर पश्चिम-विरोधी गुटों का पहला ज्ञात हमला है. जुबैल के साथ-साथ, यांबू में सऊदी अरब के अधिकांश तेल-शोधन कारख़ाने और पैट्रोकैमिकल उद्योग हैं. |
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