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चीन में सार्स ने फिर सिर उठाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन में अधिकारियों का कहना है कि सार्स के चार नए मामले सामने आए हैं जिनकी जाँच की जा रही है. चीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि राजधानी बेजिंग में न्यूमोनिया जैसी बीमारी सार्स के कम से कम चार नए संदिग्ध मामले सामने आए हैं. दो अन्य मामलों में सार्स की बीमारी की पहले ही पुष्टि हो चुकी है. बेजिंग की उस चिकित्सा शोध प्रयोगशाला को सतर्कता के तौर पर बंद कर दिया गया है जहाँ समझा जाता है कि एक कर्मचारी पर सार्स की पुष्टि हुई थी. चीन की एक समाचार एजेंसी के मुताबिक सार्स के शक में इस प्रयोगशाला के 126 लोगों को अलग-अलग रखा जा रहा है जिससे उन पर निगरानी रखी जा सके. एजेंसी का कहना है कि ये सभी लोग ऐसे स्वास्थ्यकर्मी हैं जिन पर ये शक है कि वे इस बीमारी के असर में हो सकते हैं. अभी तक जिन दो व्यक्तियों पर सार्स की पुष्टि हुई है उनमें से एक 26 वर्षीय छात्रा है जो बेजिंग स्थित रोग नियंत्रण केंद्र में कार्यरत थी. पिछले हफ्ते इस छात्रा की माता की सार्स से ही मौत हो गई थी. सार्स की बीमारी का दूसरा पुष्ट मामला उस नर्स का है जो इस छात्रा का इलाज कर रही थी. चीन ने नए सिरे से फैली सार्स की बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन से मदद मांगी है. बेजिंग स्थित संगठन के प्रवक्ता बॉब दिएत्ज़ का कहना है कि दो या तीन सदस्यों की एक टीम बेजिंग जाकर यह पता लगाएगी कि सार्स के इन नए मामलों के लिए यह प्रयोगशाला ज़िम्मेदार है या नहीं. चीन में इस बीमारी से बचाव के लिये उठाए गए एहतियाती क़दमों के तहत रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर सभी यात्रियों के तापमान की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं क्योंकि बुख़ार इस बीमारी का प्रमुख लक्षण है. ग़ौरतलब है कि चीन में पिछले साल नवंबर में पहली बार सार्स फैला था जिससे लगभग साढ़े तीन सौ लोगों की मौत हो गई थी. चीन सरकार को इस बीमारी से निपटने में लापरवाही बरतने के लिए आलोचनाओं का भी शिकार होना पड़ा था. |
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