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पॉवेल को ख़ुफ़िया सूचनाओं पर संदेह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने स्वीकार किया है कि इराक़ पर हमले को सही ठहराने के लिए संयुक्त राष्ट्र में उन्होंने जो ख़ुफ़िया सूचनाएँ इस्तेमाल की थीं वो हो सकता है ग़लत रही हों. पॉवेल ने पिछले साल फ़रवरी में सुरक्षा परिषद में यह साबित करने का प्रयास किया था कि इराक़ के पास सामूहिक विनाश के जैविक हथियार बनाने के लिए सचल प्रयोगशालाएँ हैं. इस बारे में उन्होंने ट्रैक्टर ट्रेलरों का ख़ास ज़िक्र किया था. अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि उस समय ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने मौजूद सबूतों को ठोस बताया था. उल्लेखनीय है कि पॉवेल ने उन कथित सबूतों के आधार पर सुरक्षा परिषद सदस्यों को इराक़ पर हमले के पक्ष में मनाने का असफल प्रयास किया था. पॉवेल ने शनिवार को आशा जताई कि इराक़ पर हमले से पहले जुटाई गई ख़ुफ़िया सूचनाओं की जाँच कर रहा आयोग इस बात का आकलन करेगा कि क्या महाविनाश के हथियारों के बारे में इराक़ पर लगाए गए आरोपों का ख़ुफ़िया एजेंसियों का समर्थन कितना उचित था. इराक़ पर हमले के बाद अब तक इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि उसका महाविनाश के हथियार बनाने का कोई कार्यक्रम था. |
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