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अमरीका भारत से सहयोग को तैयार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान को अमरीका के ग़ैर-नैटो सहयोगी का दर्जा देने की घोषणा के बाद, अमरीका ने भारत के साथ भी ऐसा ही सहयोग करने की संभावना जताई है. व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेट्री स्कॉट मैकलेलन ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह संभावना जताई. अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने हाल में पाकिस्तान यात्रा के दौरान घोषणा की थी कि अमरीका पाकिस्तान को प्रमुख ग़ैर-नैटो सहयोगी का दर्जा देगा. समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने ये भी कहा था कि यह दर्जा देने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग में बढ़ोत्तरी की जा सकेगी. भारत ने इस बात पर निराशा जताई कि अमरीका ने अपने इस फ़ैसले के बारे में भारत को पहले सूचित नहीं किया. पॉवेल के पाकिस्तान में दिए बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, "जब वे भारत में थे तो ज़्यादा ज़ोर भारत-अमरीका के बीच रणनीतिक साझेदारी पर था." भारत के बयान में ये भी कहा गया, "ये निराश करने वाली बात है कि अमरीका की सरकार के इस निर्णय के बारे में उन्होंने (कॉलिन पॉवेल) ने कुछ नहीं कहा.'' व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेट्री स्कॉट मैकलेलन से अमरीका के भारत और पाकिस्तान के साथ संबंधों के बारे में और पाकिस्तान को विशेष दर्जा दिए जाने के बारे में पूछा गया. स्कॉट मैकलेलन का कहना था, "हमने स्पष्ट कर दिया है कि हम भारत के साथ भी ऐसा ही सहयोग करने पर विचार करना चाहते हैं." |
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