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ग्वांतानामो बंदियों पर पहली बार आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने पहली बार क्यूबा में ग्वांतानामो बे में पकड़कर रखे गए बंदियों के ख़िलाफ़ आरोप लगाए हैं. अमरीकी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यहाँ हिरासत में रखे गए दो लोगों पर युद्ध अपराधों की साज़िश रचने के आरोप लगाए गए हैं. मंत्रालय के अनुसार इनमें से एक यमन और दूसरा सूडान का नागरिक है और दोनों ओसामा बिन लादेन के अंगरक्षक थे. यमनी नागरिक का नाम अली हमज़ा अहमद सुलेमान अल बहलुल और सूडानी नागरिक का नाम इब्राहीम अहमद महमूद अल क़ोसी है. पेशी इन दोनों नागरिकों को अब एक विशेष सैनिक आयोग या ट्राइब्यूनल के सामने पेश किया जाएगा. मगर उन्हें कब पेश किया जाएगा इसकी तारीख़ अभी नहीं तय की गई है. दोनों को अल क़ायदा के साथ संबंध रखने के संदेह में पकड़ा गया था. बहलुल पर अल क़ायदा के लिए प्रचार करने का भी आरोप है जिसके लिए उन्होंने अमरीकी लोगों की हत्या को महिमामंडित कर दिखानेवाले वीडियो बनाए. क़ोसी पर अल क़ायदा का एक प्रमुख लेखाकार होने और हथियारों की तस्करी करने का आरोप है. उन्हें लादेन का बहुत पुराना सहयोगी बताया जा रहा है और कहा जा रहा है कि वह लादेन को तबसे जानता है जब लादेन सूडान में थे. आरोप लगाया गया है कि वे लादेन के साथ सफ़र करते था और अल क़ायदा नेता के नाम पर चेक़ काटा करते था तथा पैसों की कालाबाज़ारी भी करते थे. बंदी वाशिंगटन से बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार अमरीकी अधिकारी इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि दोनों व्यक्तियों को तब तक निर्दोष समझा जाएगा जब तक कि उनपर लगाए गए आरोप साबित नहीं हो जाते. ग्वांतानामो बे में दो साल से भी अधिक समय से 40 देशों के 600 से भी ज़्यादा लोग बंदी हैं और पहली बार किसी बंदी के ख़िलाफ़ आरोप लगाए गए हैं. सभी लोगों को अल क़ायदा या अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के साथ संपर्क होने के संदेह में गिरफ़्तार किया गया है. इन लोगों को वक़ील रखने की अनुमति नहीं है और उन्हें यहाँ बिना किसी आरोप के अनिश्चित समय तक रखा जा सकता है. |
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