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सुधारवादियों ने पहले ही हार स्वीकार की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के मुख्य सुधारवादी दलों के गठबंधन ने स्वीकार किया है कि शुक्रवार को होने वाले आम चुनाव में उसका प्रदर्शन काफ़ी ख़राब रहने वाला है. चुनाव प्रचार में अब सिर्फ़ तीन दिन ही बचे हैं और सुधारवादियों का कहना है कि दक्षिणपंथी पार्टियाँ कई इलाक़ों में चुनाव जीत रही हैं और चुनाव के बाद संसद में उनका बहुमत ख़त्म होने वाला है. सुधारवादियों का कहना है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं क्योंकि उम्मीदवारों की जाँच करने वाली संस्था काउंसिल ऑफ़ गार्डियन ने हज़ारों उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से ही रोक दिया है. 2000 के चुनाव में सुधारवादियों को ज़बरदस्त जीत मिली थी और संसद में उनका बहुमत हो गया था. बीबीसी के तेहरान संवाददाता का कहना है कि यह आश्चर्यजनक है कि चुनाव से पहले ही एक पार्टी अपनी हार स्वीकार कर रही है. लेकिन तेहरान में आठ सुधारवादी दलों के गठबंधन के प्रवक्ता ने एक प्रेस कॉफ़्रेंस में यही स्वीकार किया. सवाल अली अकबर मोहतशामीपुर ने कहा कि सुधारवादी पार्टियाँ तो 290 सीटों में से 72 में संघर्ष में ही नहीं हैं. मोहतशामीपुर ने उम्मीदवारों की जाँच करने वाली संस्था के कामकाज पर सवाल उठाए. वे ख़ुद संस्था के विरोध में चुनाव से हट गए. क़रीब 80 मौजूदा सुधारवादी सांसदों ने 132 सीटों की सूची जारी की है जहाँ उनका मानना है कि कोई संघर्ष ही नहीं है. ईरान के जाने-माने शिक्षाविद् और बाग़ी तेवर वाले हाशिम अग़जारी ने कहा है कि सुधारवादी आंदोलन समाप्ति की कगार पर है. उन्होंने कहा कि ईरानी लोगों ने उम्मीद छोड़ दी है कि राष्ट्रति ख़ातमी और सुधारवादी दलों के बहुमत वाला संसद कुछ भी उपयोगी हासिल कर सकता है. |
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