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सात सदस्यीय जाँच आयोग का गठन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ पर हमले से पहले जुटाई गई ख़ुफ़िया सूचनाओं के ग़लत निकलने के मामले की जाँच के लिए एक सात-सदस्यीय आयोग गठित किया है. बुश ने कहा कि वह यह सुनिश्चत करना चाहते हैं कि इराक़ के महाविनाश के हथियारों के बारे में हमले से पहले जुटाई गई ख़ुफ़िया जानकारी और हमले के बाद हथियार विशेषज्ञों द्वारा किए गए आकलन में इतना ज़्यादा अंतर क्यों है. सात सदस्यीय आयोग में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों के अलावा एक शिक्षाविद, सीआईए के एक पूर्व निदेशक और एक सेवानिवृत जज को शामिल किया गया है. पूर्व डेमोक्रेटिक सीनेटर चार्ल्स रॉब और रिपब्लिकन सेवानिवृत जज लॉरेंस सिल्बरमैन को आयोग का सह-अध्यक्ष बनाया गया है. राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट किया कि क्या आयोग ख़ुफ़िया सूचनाओं के संदर्भ में राजनीतिक फ़ैसलों की भी पड़ताल करेगा, लेकिन एक सदस्य रिपब्लिकन सीनेटर जॉन मैककेन ने कहा है कि वह यह भी जानने का प्रयास करेंगे कि ख़ुफ़िया सूचनाओं को जनता के सामने किस प्रकार पेश किया गया. बुश ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट अगले मार्च तक आ जानी चाहिए. उल्लेखनीय है कि इसी साल नवंबर में अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो रहे हैं. बुश ने कहा कि आयोग इस बात की भी जाँच करेगा कि उत्तर कोरिया, ईरान और लीबिया सहित अन्य देशों में महाविनाश के हथियारों के बारे में अमरीका के पास क्या सूचनाएँ थीं. |
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