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आज जारी होगी हटन आयोग की रिपोर्ट
ब्रिटिश हथियार विशेषज्ञ वैज्ञानिक डेविड केली की मौत के कारणों की जाँच के लिए गठित हटन आयोग की रिपोर्ट बुधवार को सार्वजनिक की जा रही है. रिपोर्ट की कॉपियाँ तीनों संबंधित पक्षों - डॉक्टर केली के परिवार, सरकार और बीबीसी - को मंगलवार को ही सौंप दी गई थी. तीनों ही पक्षों ने ये वायदा किया था के वे रिपोर्ट के सार्वजनिक किए जाने से पहले इसकी बातों को किसी को नहीं बताएँगे. मगर ब्रिटेन के सन अख़बार ने ये दावा किया है कि उसे रिपोर्ट में लिखित बातों का पता चल गया है. 'सन' का कहना है कि हटन आयोग ने डॉ केली का नाम सार्वजनिक किए जाने के मामले से प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को बरी कर दिया है लेकिन आयोग ने रक्षा मंत्रालय और बीबीसी की आलोचना की है. प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा है कि प्रधानमंत्री ब्लेयर रिपोर्ट के लीक हो जाने से बेहद नाराज़ हैं और वे मानते हैं कि इस बात की जाँच होनी चाहिए कि इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है. बीबीसी ने रिपोर्ट के बारे में किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है और कहा है कि उनकी तरफ़ से रिपोर्ट लीक नहीं की गई. दावा
सन अख़बार का कहना है कि लॉर्ड हटन ने अपनी रिपोर्ट में ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को बरी कर दिया है. मगर आयोग ने डॉक्टर केली के इंटरव्यू पर रिपोर्टिंग किए जाने के तरीक़े के लिए बीबीसी की खिंचाई की है. सन अख़बार के राजनीतिक संपादक ट्रेवर कावनाग ने कहा,"जहाँ तक टोनी ब्लेयर की बात है तो डॉक्टर केली का नाम उजागर किए जाने के संबंध में उनको पूरी तरह बरी कर दिया गया है". वैसे ट्रेवर कावनाग ने ये स्पष्ट किया है कि उन्होंने ये रिपोर्ट देखी नहीं है और उन्हें इसके बारे में बताया गया है. सन अख़बार के अनुसार लॉर्ड हटन ने अपनी जाँच में ये पाया कि डॉक्टर केली ने सार्वजनिक तौर पर अपमानित होने के कारण आत्महत्या की. अख़बार का कहना है कि हटन आयोग ने इराक़ की सैनिक ताक़त को 'बढ़ा-चढ़ाकर' पेश किए जाने के बीबीसी के दावे को भी 'निराधार' पाया है. हटन आयोग पिछले वर्ष ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने डेविड केली के आत्महत्या करने के बाद इस संबंध में जाँच के लिए हटन आयोग का गठन किया था. हटन आयोग ने पिछले वर्ष 25 सितंबर तक अपनी सुनवाई की और जिन 74 गवाहों के बयान लिए उनमें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और रक्षा मंत्री ज्यौफ़ हून से लेकर बीबीसी के बड़े अधिकारी शामिल थे. 59 वर्षीय डॉक्टर डेविड केली ने पिछले साल जुलाई में सरकार और बीबीसी के बीच छिड़े विवाद में अपना नाम खिंचने के बाद आत्महत्या कर ली थी. बीबीसी और ब्रिटिश सरकार के बीच इस मुद्दे पर विवाद शुरू हुथा था कि इराक़ में लड़ाई के लिए जाने के अपने फ़ैसले को सही ठहराने के लिए सरकार ने इराक़ की सैन्य क्षमता को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था. डॉक्टर केली ने 1991 से 1998 के बीच इराक़ में हथियार निरीक्षक के तौर पर काम किया था. |
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