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हटन जाँचः कब क्या हुआ?
24 सितंबर 2002- इराक़ में महाविनाश के हथियारों पर ब्रितानी सरकार ने एक दस्तावेज़ प्रकाशित किया जिसमें कहा गया कि सद्दाम हुसैन के पास महाविनाश के हथियार हो सकते हैं और वे उन्हें पैंतालीस मिनट के अंदर इस्तेमाल में ला सकते हैं. 22 मई 2003- बीबीसी रेडियो फोर के संवाददाता एंड्र्यू गिलिगन ने डॉक्टर केली से मुलाक़ात की. इस मुलाक़ात के बाद गिलिगन ने अपनी विवादास्पद रिपोर्ट तैयार की. 22-29 मई 2003- केली ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारी पैट्रिक लैंब को बताया कि उन्होंने बीबीसी के संवाददाता से मुलाक़ात की है. 29 मई 2003- गिलिगन की रिपोर्ट रेडियो फ़ोर के टुडे कार्यक्रम में प्रसारित हुई जिसमें सरकार पर रिपोर्ट में हथियारों के ख़तरे को बढ़ा-चढ़ाकर बताने का आरोप लगाया गया. 1 जून 2003- मेल ऑन संडे अख़बार में गिलिगन ने लिखा कि हथियारों पर रिपोर्ट को प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार एलेस्टर कैम्पबेल ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था. 2 जून 2003- न्यूज़नाइट नाम के बीबीसी के कार्यक्रम में एक रिपोर्ट दिखाई गई जिसका स्रोत डेविड केली को बताया गया. 6 जून 2003- कैम्पबेल ने गिलिगन की शिकायत बीबीसी से की, कैम्पबेल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को झूठा बताया और क़ानूनी कार्रवाई की धमकी दी. 17 जून 2003- लैंब ने रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मार्टिन हावर्ड को रिपोर्ट दी कि केली ने बीबीसी के पत्रकार से बातचीत की है. 19 जून 2003- केली के मैनेजर को इस मुलाक़ात के बारे में सूचना दी गई. 25 जून 2003- प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार कैम्पबेल ने विदेश मंत्रालय की एक समिति के सामने गवाही दी जो महाविनाश के हथियारों के मामले पर पेश की गई रिपोर्ट की जाँच कर रही थी. 26 जून 2003- कैम्पबेल ने बीबीसी को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने अपनी माँग दोहराई की बीबीसी गिलिगन की रिपोर्ट के लिए माफ़ी माँगे. 27 जून 2003- गिलिगन और बीबीसी के समाचार निदेशक रिचर्ड सैमब्रुक के बीच मुलाक़ात हुई जिसमें गिलिगन ने अपना पक्ष रखा और अपने स्रोत का नाम बताया. 30 जून 2003- केली ने अपने मैनेजर के सामने स्वीकार किया कि उन्होंने गिलिगन से बात की थी. 4 जुलाई 2003- केली को रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी दी कि वे भविष्य में पत्रकारों से मिलने-जुलने से बाज़ आएँ. 7 जुलाई 2003- ब्रितानी संसद ने एलेस्टर कैम्पबेल को रिपोर्ट को सनसनीखेज़ बनाने के आरोप से मुक्त कर दिया. 9 जुलाई 2003- ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने केली के नाम की घोषणा कर दी कि वे ही बीबीसी की रिपोर्ट के स्रोत थे. 15 जुलाई 2003- केली विदेशी मामलों की संसदीय समिति के सामने पेश हुए और उनसे पूछताछ की गई कि इराक़ में महाविनाश के हथियारों के बारे में वे क्या जानते थे. 16 जुलाई 2003- केली ने ख़ुफ़िया और सुरक्षा मामलों की समिति के सामने इसी मामले पर गवाही दी. 17-18 जुलाई 2003- डेविड केली लापता हुए और उनकी लाश मिली. 19 जुलाई 2003- केली के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट जारी की गई, मृत्यु का कारण नस काटकर आत्महत्या बताया गया. 20 जुलाई 2003- बीबीसी ने मान लिया कि केली ही गिलिगन की विवादास्पद रिपोर्ट के स्रोत थे. 1 अगस्त 2003- लॉर्ड हटन को केली की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जाँच का जिम्मा दिया गया. 11 अगस्त 2003- एंड्रयू गिलिगन हटन आयोग के सामने पेश हुए. 19 अगस्त 2003- एलेस्टर कैंपबेल ने हटन आयोग के सामने गवाही दी. 28 अगस्त 2003- प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने हटन आयोग के सामने अपना पक्ष रखा. 1 सितंबर 2003- केली की पत्नी और बेटी ने हटन आयोग में गवाही दी. 15 सितंबर 2003- बीबीसी के कई वरिष्ठ अधिकारी आयोग के सामने पेश हुए. 25 सितंबर 2003- जाँच का काम समाप्त. 27 जनवरी 2004- रिपोर्ट तीनों पक्षों को सौंपी गई. |
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