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'संभव है सद्दाम के पास हथियार न रहे हों'
अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने संभावना व्यक्त की है कि पिछले साल हुए इराक़ युद्ध से पहले सद्दाम हुसैन के पास व्यापक विनाश की क्षमता वाले हथियार नहीं रहे हों. उन्होंने ये बयान तब दिया है जब इराक़ में अमरीकी हथियार निरीक्षक दल के पूर्व प्रमुख डेविड के ने बयान दिया कि उनके अनुसार इराक़ में हथियारों का कोई जख़ीरा नहीं था. इसके बाद उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया. जॉर्जिया जाते समय रास्ते में संवाददाताओं से बातचीत में पॉवेल ने इराक़ के बारे में ये महत्त्वपूर्ण टिप्पणी की. पॉवेल के साथ यात्रा कर रहे बीबीसी संवाददाता जॉन लाइन का कहना है कि हथियारों के मसले पर पॉवेल का ये बयान काफ़ी अहम माना जा रहा है. अभी उस बात को एक साल भी नहीं बीता है जब पॉवेल ने सुरक्षा परिषद में चेतावनी दी थी कि इराक़ के हथियारों की वजह से दुनिया को कितना ख़तरा है. उस समय उनका कहना था कि वह मानते हैं कि इराक़ के पास जो हथियार हैं उनमें अन्य चीज़ों के अलावा कम से कम 100 से 500 टन रासायनिक हथियारों के हैं. मगर अब उनका कहना है कि इराक़ के पास कोई हथियार थे या नहीं ये एक 'खुले सवाल' की तरह है. उन्होंने कहा कि देश में अब भी मौजूद हथियार निरीक्षकों की ये ज़िम्मेदारी है कि जाँच करके बताएं कि इराक़ के पास हथियार थे या नहीं, अगर थे तो कहाँ गए और अगर कोई हथियार थे तो युद्ध में उनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया. अभी दो दिन ही पहले अमरीकी उप-राष्ट्रपति डिक चेनी ने बयान दिया था कि इराक़ में हथियार थे या नहीं इस बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाज़ी होगी. अब ऐसे में पॉवेल का ये बयान उस लीक से कुछ हटकर है. पॉवेल ख़ुद भी इराक़ युद्ध के बाद से ही यही कहते रहे हैं कि हथियार एक न एक दिन ज़रूर मिलेंगे. अब बुश प्रशासन के सदस्य उस समय के अपने बयानों से पीछे रुख़ कर रहे हैं. हथियार निरीक्षकों का काम लगातार जारी तो है मगर उनके काम का स्तर अब उतना व्यापक नहीं रह गया है. इसके अलावा जून के अंत तक अगर इराक़ की सत्ता इराक़ियों के हाथ में सौंप दी जाती है तो उसके बाद हथियार निरीक्षण कार्यक्रम का भविष्य अनिश्चित हो जाएगा. |
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