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सरकार इस्तीफ़ा भी दे सकती हैः ख़ातमी
ईरान के सुधारवादी राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी ने कट्टरपंथी मौलवियों के साथ अपने विवाद के तहत चेतावनी दी है कि वह और उनका पूरा प्रशासन इस्तीफ़ा दे सकता है. मोहम्मद ख़ातमी ने कहा कि अगर अगले महीने के चुनाव में सुधारवादी उम्मीदवारों के शामिल होने पर लगी पाबंदी नहीं हटाई गई तो उनकी सरकार उसका एकजुटता से मुक़ाबला करेगी या हट जाएगी. उन्होंने इस निर्देश को पूर्वाग्रह-ग्रस्त बताया. और तेहरान में बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर का कहना है कि यह उनका अब तक का सबसे कड़ा बयान है. लेकिन राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह समस्या बातचीत से हल हो जाएगी. अपीलों पर विचार रूढ़िवादी संसद, जो प्रत्याशियों की छानबीन करती है, अब अपने ही निर्देश के ख़िलाफ़ आई दो हज़ार से ज़्यादा अपीलों पर विचार कर रही है.
लेकिन उसने कहा है कि वह दबाव में नहीं आएगी और अपना इरादा नहीं बदलेगी. कट्टरपंथियों ने संसद से कहा है कि वह प्रतिबंध जारी रखे. इससे पहले ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली ख़मेनेई ने कहा था कि विवाद को क़ानूनी प्रक्रिया से सुलझाना चाहिए. सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने संसद के प्रवक्ता मोहम्मद जैहरोमी के हवाले से लिखा है कि संसद अपने फ़ैसले लेने में अपने ही क़ानून पर अमल करेगी. उन्होंने कहा कि संसद इस तरह के दबाव या हलचलों से विचलित नहीं होगी. |
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