|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पायलटों को अमरीकी फ़ैसले पर ऐतराज़
अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं के संगठनों ने अमरीका के उस फ़ैसला का विरोध किया है जिसमें अमरीका जाने वाली कुछ उड़ानों पर सशस्त्र गार्ड तैनात करने के आदेश दिए गए हैं. अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संगठन आईएटीए के एक प्रवक्ता ने कहा है कि सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम हवाई अड्डे पर ही होने चाहिए और विमान में कोई हथियार नहीं होने चाहिए. ब्रितानी पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाली ट्रेड यूनियन ने पायलटों को सलाह दी है कि जब तक इस बारे में कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता है तब तक विमानों में सशस्त्र मार्शलों के साथ उड़ानें ना भरें. फ्रांसीसी पायलटों की यूनियन ने भी अमरीकी घोषणा पर नाराज़गी ज़ाहिर की है. थाइलैंड ने भी कहा है कि वह अपनी राष्ट्रीय विमान सेवा थाई एयरवेज़ पर सशस्त्र मार्शल तैनात नहीं करेगा. हालाँकि बीबीसी के आर्थिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि एयरलाइनों के लिए एक मंज़िल के रूप में अमरीका का बहुत महत्व है और बहुत सी एयरलाइनें यह जोख़िम नहीं उठा सकतीं और जो कुछ अमरीका कह रहा है उसे माना ही जाएगा. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||