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अंतरराष्ट्रीय सहायता दल ईरान पहुँचे
ईरान के भीषण भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता दल वहाँ पहुँचने लगे हैं. ऐतिहासिक महत्व के शहर बाम में शुक्रवार को आए इस भूकंप में मरने वालों की संख्या का अधिकारी दस से पच्चीस हज़ार के बीच होने का अनुमान लगा रहे हैं. राष्ट्रपति ख़ातमी ने मदद का आह्वान किया है और अब तक ब्रिटेन, तुर्की, जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड, इटली, फ़्रांस और रूस सहित कई देशों ने मदद का वायदा किया है या अपने राहत दल ईरान रवाना कर दिए है. अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि अमरीका भी मदद देने को तैयार है और ईरान का कहना है कि वह इसराइल को छोड़ कर अन्य किसी भी देश से मदद लेने को तैयार है. एशिया से भी मदद एशिया के कई देशों ने मदद की पेशकश की है.
भारत ने सहायता सामग्री भेजे जाने का ऐलान किया है और उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का कहना है कि भारत पुनर्निर्माण के काम में भी सहायता देने को तैयार है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है, हम अपने ईरानी भाइयों के दुख की इस घड़ी में उनके साथ शरीक हैं. विदेश सचिव रियाज़ खोखर ने कहा है कि पाकिस्तान दो विमान भर कर राहत सामग्री भेज रहा है. श्रीलंक चाय की एक बड़ी खेप ईरान रवाना कर रहा है और सिंगापुर, फ़िलीपीन्स, चीन, जापान और ताइवान ने भी सहायता का वायदा किया है. भूकंप के बाद मलबे में फंसे लोगों को बचाने की कोशिशें सारी रात जारी रहीं. ईरान सरकार ने भूकंप में मार गए लोगों की स्मृति में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. |
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