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जो लड़ाई में नहीं उन्हें ठेके भी नहीं
अमरीका ने साफ़ कह दिया है कि जो देश इराक़ पर हमले का विरोध करते रहे हैं वे पुनर्निर्माण के लिए दिए जाने वाले 20 अरब के ठेकों में शामिल नहीं हो पाएँगे. अमरीकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने इस बात की पुष्टि कर दी है. इसका मतलब साफ़ है कि फ़्रांस और जर्मनी इन ठेकों से वंचित रह जाएँगे. बीबीसी के पेंटागन संवाददाता निक चाइल्ड्स का कहना है कि बुश प्रशासन इस बात के संकेत पहले देता रहा है कि जो देश इराक़ के ख़िलाफ़ युद्ध का विरोध कर रहे हैं उन्हें इसकी क़ीमत चुकानी पड़ेगी. ख़ासकर तब जब पुनर्निर्माण का समय आएगा. अब पेंटागन ने बाक़ायदा दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. रक्षा विभाग के उपमंत्री पॉल वुल्फ़ोविट्ज़ ने इसे जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि वे देश पुनर्निर्माण के ठेके नहीं ले पाएँगे जिन्होंने इराक़ के ख़िलाफ़ युद्द का विरोध किया था. इसमें साफ़ कहा गया है कि अब ठेके अमरीकी, इराक़ी और उन देशों को मिलेंगे जो युद्ध में साझीदार रहे हैं या जिन देशों ने बाद में पुनर्निर्माण के लिए अपनी सेनाएँ भेजी हैं. दूसरे देश सिर्फ़ छोटे या ठेकेदारों से मिलने वाले ठेके ही ले पाएँगे. पॉल वुल्फ़ोविट्ज़ ने कहा कि ऐसा अमरीका की सुरक्षा चिंताओं के चलते किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा है कि इस निर्णय से भविष्य में कई और देश इराक़ में अमरीकी सेना का साथ देने के लिए सामने आएँगे. |
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