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भ्रष्टाचार पर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समझौता
संयुक्त राष्ट्र के सौ से अधिक सदस्य इस सप्ताह मैक्सिको में भ्रष्टाचार पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर दस्तख़त करेंगे. इन देशों में भारत भी शामिल है. इसे पहला ऐसा अंतरराष्ट्रीय समझौता बताया जा रहा है जिसे क़ानूनी मान्यता हासिल होगी और जिसका उद्देश्य भ्रष्ट अधिकारियों की शिनाख़्त और अवैध धनराशि की बरामदगी होगा. मैक्सिको के मेरीदा शहर में जारी तीन-दिवसीय सम्मेलन में अब तक अमरीका और मैक्सिको इस समझौते पर दस्तख़त कर चुके हैं. इस समझौते की शर्तों पर अक्तूबर में सहमति हो गई थी लेकिन यह तभी अमल में आएगा जब तीस देश इसका अनुमोदन कर देंगे.
संयुक्त राष्ट्र के क़ानूनी मामलों के निदेशक हैंस कोरेल का कहना है कि मंगलवार तक 43 देशों ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए थे. भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ समझौते के तहत राष्ट्रों को अपने यहाँ रिश्वतख़ोरी, काला धन और सत्ता के दुरुपयोग को आपराधिक गतिविधियाँ क़रार देना होगा. पहली बार इसमें इस तरह के प्रावधान हैं जिनके तहत इस पर दस्तख़त करने वालों को बरामद किया गया सामान उन देशों को लौटाना होगा जहाँ से माल चुराया गया है या उसकी तस्करी हुई है. समझौते के तहत सरकारी अधिकारियों को विदेशी बैंकों में खातों की जानकारी देनी होगी और उनकी संपदा की लगातार निगरानी की जाएगी. बीबीसी की मैक्सिको संवाददाता क्लेयर मार्शल का कहना है कि इस समझौते का मक़सद यह है कि विकासशील देश भ्रष्टाचार को समाज का एक अनिवार्य अंग मानने के बजाय उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करें. |
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