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एड्स की अनदेखी हो रही है: अन्नान
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने चेतावनी दी है कि दुनिया एड्स के ख़िलाफ़ लड़ाई हारती जा रही है. बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कोफ़ी अन्नान ने विकसित और विकासशील देशों के राजनेताओं की आलोचना की. उनका कहना था,"मुझे गुस्सा आता है, मैं दुखी महसूस करता हूँ और अपने आपको असहाय पाता हूँ क्योंकि नेताओं में राजनीतिक इच्छाशाक्ति की कमी है." उन्होंने विकासशील देशों के लोगों से अपनी सरकारों को चुनौती देने को कहा ताकि वे एड्स के ख़िलाफ़ सक्रिय हो सकें. दुनिया भर में चार करोड़ लोग एचआईवी वायरस से संक्रमित हैं जिसके कारण एड्स होता है. इस साल इस बीमारी से तीस लाख लोगों की मौत हो गई है. 'पूरी कोशिश नहीं' जब उनसे पूछा गया कि संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख होने के नाते वे एड्स के ख़िलाफ़ लड़ाई जीत पा रहे हैं, तो उनका कहना था, "मैं लड़ाई इसलिए जीत नहीं पा रहा हूँ क्योंकि मैं नहीं समझता हूँ कि दुनिया के नेता पूरी कोशिश कर रहे हैं."
कोफ़ी अन्नान का कहना है कि ये कहना सही नहीं है कि अमीर देशों में तो एड्स पर काबू पाया जा सकता है लेकिन ग़रीब देशों में लोगों को मरने दिया जाए. उनका कहना था कि विकसित देशों, ख़ासकर अमरीका और यूरोपीय संघ ने एचआईवी दवाओं के लिए ज़रूरी धनराशि उपलब्ध नहीं कराई. कोफ़ी अन्नान का कहना था कि कुछ सरकारों ने एड्स को सुरक्षा के लिए खतरा तक बताया है लेकिन हम इस ओर आतंकवाद और महाविनाश के हथियार जितना ध्यान इस ओर नहीं दे रहे हैं. उनका कहना था," कुछ देशों में एड्स तो बिल्कुल महाविनाश का हथियार है लेकिन हम इस दिशा में लिए क्या कर रहे हैं?" संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने उन अफ़्रीकी नेताओं की भी आलोचना की जो अपने लोगों को मरने तो दे रहे हैं लेकिन कंडोम के बारे में बात करने को तैयार नहीं हैं. |
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