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रूस के सबसे बड़े अधिकारी की छुट्टी
रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने अपनी सरकार के सबसे वरिष्ठ अधिकारी अलेक्ज़ांडर वोलोशिन का इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया है. बताया जा रहा है कि उन्होंने रूस के सबसे अमीर व्यवसायी मिखाइल ख़ोदोरकोफ़्स्की की गिरफ़्तारी के बाद इस्तीफ़ा दे दिया था. मिखाइल ख़ोदोरकोफ़्स्की को रविवार को कर चोरी के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया था. बृहस्पतिवार को ख़ोदोरकोफ़्स्की की तेल कंपनी यूकोज़ के 44 प्रतिशत शेयरों की कुड़की की गई जिसके बाद अलेक्ज़ांडर वोलोशिन की भी विदाई हो गई. यूकोज़ के शेयरों की बिक्री संगठित अपराधों की रोकथाम के लिए बने क़ानूनों के तहत की गई. संघर्ष
संवाददाताओं का कहना है कि यूकोज़ के ख़िलाफ़ की जा रही कार्रवाई दरअसल कट्टरपंथियों और उदारवादियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है. माना जाता है कि 47 वर्षीय वोलोशिन उदारवादियों और व्यवसायियों के समर्थक हैं और ख़ोदोरकोफ़्स्की तथा उनके तेल के कारोबार से सहानूभूति रखते हैं. रूसी सरकार में बोरिस येल्तसिन के काल के वे सबसे महत्वपूर्ण अधिकारियों में से एक थे. कहा जा रहा है कि वोलोशिन की कुर्सी पर अब दमित्री मेदवदेव को नियुक्त किया जा रहा है जो राष्ट्रपति पुतिन के काफ़ी क़रीबी समझे जाते हैं. अलेक्ज़ेंडर वोलोशिन ने कुछ समय पहले बीबीसी को बताया था कि वे मेदवदेव को रूसी सरकार में सबसे समझदार सदस्य समझते हैं. |
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