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उत्तरी आयरलैंड की शांति प्रक्रिया को लेकर असमंजस
ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने घोषणा की है कि शांति प्रक्रिया को झटका लगने के बावजूद उत्तरी आयरलैंड एसेंबली के लिए अगले महीने होनेवाले चुनाव नियत समय पर होंगे. इसके पहले ब्रिटेन की सरकार ने उत्तरी आयरलैंड की एसेंबली के चुनाव 26 नवंबर को करवाने की घोषणा की थी. इसके बाद निशस्त्रीकरण की देखरेख कर रहे अंतरराष्ट्रीय आयोग ने कहा था कि आयरिश रिपब्लिकन आर्मी (आईआरए) से हथियारों को सौंप देने का अनुरोध किया गया था. हालाँकि शिन फ़ेन के अध्यक्ष जैरी एडम्ज़ ने इस राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन किया है. उनका कहना था, "शिन फ़ेन चाहता है कि आयरलैंड के समाज में बंदूक उठाने की प्रथा ख़त्म हो." आयरिश रिपब्लिकन आर्मी (आईआरए) ने शिन फ़ेन की इस घोषणा के बाद इस बयान का समर्थन किया था. आईआरए का कहना है कि वह जल्द से जल्द इस मुद्दे को सुलझाना चाहती है. अहम पहल ब्रिटेन की सरकार की इस घोषणा को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पहल माना जा रहा था. आयरलैंड में सत्ता में हिस्सेदारी के लिए ये बहुत अहम कदम है. जैरी एडम्ज़ का कहना था, "शिन फ़ेन किसी भी राजनीतिक लक्ष्य के लिए हिंसा या हिंसा की धमकी के ख़िलाफ़ है." उन्होंने उन सब हथियारों से लैस गुटों को विशेष तौर पर रिपब्लिकंस से कहा, "मैं सबसे अपील करता हूँ कि वे कदम से कदम मिलाकर चलें और न्याय और शांति पर आधारित भविष्य का निर्माण करें." |
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