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उत्तरी आयरलैंड की शांति प्रक्रिया अधर में
उत्तरी आयरलैंड के लिए ये दिन महत्त्वपूर्ण था क्योंकि इसकी शुरुआत शांति प्रक्रिया में एक बड़ी सफलता की उम्मीदों के साथ हुई. इन घटनाओं के बाद उम्मीद थी कि उत्तरी आयरलैंड को ब्रिटेन के साथ रखने के हिमायती और रिपब्लिकनों के बीच गतिरोध ख़त्म हो जाएगा मगर ऐसा होता नहीं दिखता. दिन की शुरुआत काफ़ी सावधानी से तय की गई घोषणाओं के साथ हुई. सबसे पहले ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के कार्यालय की ओर से वहाँ 26 नवंबर को चुनाव कराने की घोषणा हुई. इसके बाद शिन फ़ेन पार्टी के नेता जैरी एडम्स का बयान आया और उन्होंने हिंसा रोकने का आहवान किया. शिन फ़ेन पार्टी ही ब्रितानी शासन से दशकों से लड़ रही आयरिश रिपब्लिकन आर्मी आईआरए की राजनीतिक शाखा है. एडम्स का कहना था, "शिन फ़ेन मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीक़ों से हल करना और लोकतंत्र के लिए प्रतिबद्धता चाहती है. शिन फ़ेन आयरिश समाज से सारी बंदूकें हटा देना चाहती है." अड़चन यहाँ तक सब अच्छा चलता रहा और योजना के अनुसार ही आईआरए ने कुछ हथियार हटा देने की सहमति के बयान भी दिए. निशस्त्रीकरण पर नज़र रखने वाले स्वतंत्र निरीक्षक और कनाडा के सेवानिवृत्त जनरल जॉन डि शैस्टेलेन का इस बारे में कहना था, "आयोग ने देखा है कि आईआरए ने सरकार की योजनाओं के अनुसार ही निशस्त्रीकरण किया है."
मगर इस सब के बाद प्रोटेस्टेंट नेताओं ने शिकायत की कि आईआरए ने कुछ हथियार गुप्त रखने पर ज़ोर दिया था. इसके साथ ही सारी योजनाएँ पीछे रह गईं और नया घटनाक्रम शुरू हुआ. योजना के अनुसार होना तो ये चाहिए था कि प्रोटेस्टेंट अल्स्टर यूनियनिस्ट्स के नेता डेविड ट्रिंबल चुनाव में हिस्सा लेने की घोषणा करते. मगर उन्होंने कहा कि गोपनीयता बनाए रखने की आईआरए की नीति से उनका विश्वास डगमगाया है. अब जिस दिन को ऐतिहासिक दिन होना चाहिए था वह शांति प्रक्रिया में नया संकट लाने वाला दिन बन गया. संयुक्त बयान इसके बाद योजना थी कि ब्रितानी प्रधानमंत्री ब्लेयर और आयरलैंड के प्रधानमंत्री बर्टी अहर्न संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन करेंगे. मगर उसे टाला गया और शांति प्रक्रिया पर एक बार फिर आशंका के काले बादल छाने लगे.
फिर जब दोनों प्रधानमंत्री सामने आए भी तब भी लग रहा था कि पर्दे के पीछे कुछ कड़वी बातें हुई हैं. प्रधानमंत्री ब्लेयर का कहना था कि कुछ अड़चनें ज़रूर आई हैं मगर सब कुछ फिर से रास्ते पर आ जाएगा. उनका कहना था, "मेरे ख़्याल से हम इसका रास्ता ढूँढ़ सकते हैं मगर इसमें कुछ वक्त लग सकता है. मगर आख़िरकार इसमें कुछ और समय लगाना उचित ही है जिससे सब चीज़ें सही ढंग से हों क्योंकि हम उत्तरी आयरलैंड के लिए एक ऐतिहासिक दिन के बहुत ही नज़दीक़ हैं." आयरलैंड के प्रधानमंत्री का भी कुछ ऐसा ही कहना था. उन्होंने कहा, "सब कुछ काफ़ी अच्छे तरीक़े से हो रहा था मगर बीच में एक अड़चन आ गई है और हमें उसे दूर करने की कोशिश करना है. डेविड ट्रिंबल ने जो भी बातें कही हैं वह स्वाभाविक हैं और उनका अब रास्ता तलाश करना है." यानी अंत ये होता दिखा कि इस दिन के लिए जो योजनाएँ बनाई गई थीं उन्हें कुछ धक्के लगे हैं मगर उम्मीद ज़रूर है कि इसके बावजूद सब सही ढंग से आगे बढ़ पाएगा. |
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