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'टाइम' का चेहरा बनीं ऐश्वर्या
विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय की उपलब्धियों की श्रृंखला में एक और कड़ी जुड़ गई है. इस बार अमरीका की जानी-मानी पत्रिका 'टाइम' ने अपने एशिया संस्करण के मुखपृष्ठ पर ऐश्वर्या की तस्वीर छापी है. टाइम ने अपने नए अंक में बॉलीवुड में आ रहे बदलावों पर कवर स्टोरी छापी है. इसमें भारतीय फ़िल्मों में आ रहे बदलावों के साथ-साथ वहाँ पश्चिमी जगत की बढ़ती रूचि की भी पड़ताल की गई है. सराहना
पत्रिका ने आमिर ख़ान औऱ रामगोपाल वर्मा का ज़िक्र भी प्रमुखता से किया है. टाइम ने आमिर ख़ान को भारत का सबसे सम्मानजनक और बहुमुखी प्रतिभा वाला कलाकार बताया है. इसी तरह उसने रामगोपाल वर्मा को ऐसा निर्देशक बताया है जिन्होंने शहरी दर्शकों को नाच और गाने के जाने-पहचाने दायरे से बाहर निकाला. पत्रिका ने ऐश्वर्या के बारे में लिखा है - हो सकता है कि वे अपनी भूमिकाओं के तौर पर ख़ुद को कुछ नया नाम दें, मगर व्यक्तिगत तौर पर वे भारत के मध्यम वर्ग और बॉलीवुड की पुरानी छवि यानी पारंपरिक मूल्यों वाली आधुनिक लड़की के मिले-जुले रूप को दर्शाती हैं. बॉलीवुड बनाम हॉलीवुड
पत्रिका के अनुसार भारतीय फ़िल्मोद्योग हर साल औसतन एक हज़ार फ़िल्में बनाता है जबकि हॉलीवुड में हर साल 740 फ़िल्में बना करती हैं. टाइम का ये भी कहना है कि कुआलालंपुर से लेकर केपटाउन तक तीन अरब साठ करोड़ लोग भारतीय फ़िल्मों को देखते हैं जबकि हॉलीवुड की फ़िल्मों के दर्शकों की संख्या दो अरब साठ करोड़ है. टाइम ने आवारा, मदर इंडिया, अंकुर, बॉम्बे और देवदास सरीखी फ़िल्मों को भारत की उन 10 फ़िल्मों में शामिल किया है जो पत्रिका के अनुसार भारतीय फ़िल्मों के लिए ख़ज़ाना हैं. टाइम ने अपने लेख में अमिताभ बच्चन और मीरा नायर जैसी भारतीय फ़िल्मी शख़्सियतों के साक्षात्कार प्रकाशित किए हैं. मगर टाइम के लेख में चेन्नई और कोलकाता के फ़िल्म उद्योग का ज़्यादा ज़िक्र नहीं किया गया है. |
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