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क्या पाकिस्तान में लोकतंत्र है?
भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस्लामी देशों के संगठन 'और्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कॉनफ़्रेंस' की बैठक में भारतीय कश्मीर में आत्मनिर्णय पर पारित प्रस्ताव की तीखी आलोचना की है. उन्होंने सवाल उठाया कि इस्लामी देशों की बैठक में पाकिस्तान को क्या अधिकार था कि वह भारतीय कश्मीर में आत्मनिर्णय का मुद्दा उठाए. हरियाणा राज्य मे पानीपत में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री वाजपेयी ने पाकिस्तान पर तीखे प्रहार किए. उन्होंने अपने संबोधन में पाकिस्तान में लोकतंत्र होने पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया. प्रधानमंत्री वाजपेयी ने पूछा, " आत्मनिर्णय की बात हो रही है. क्या पाकिस्तान में लोकतंत्र है? क्या पाकिस्तान में चुनी हुई सरकार है?"
प्रधानमंत्री वाजपेयी ने आरोप लगाया, "हमारे पड़ोसी में किसने किसे चुना है? वहाँ तो बंदूक के बल पर राज किया जा रहा है." उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांति की बात करता है लेकिन ये भूल जाता है कि भारत ने तीन बार दोस्ती का हाथ बढ़ाया था. उन्होंने कहा कि भारत में बनी वस्तुएँ पाकिस्तान में भारी कीमत पर तीसरे देश से आती है. प्रधानमंत्री वाजपेयी ने कहा कि भारत ने प्रस्ताव रखा था कि वह ये वस्तुएँ पाकिस्तान को उसके द्वार पर यानि भारत-पाकिस्तान सीमा पर या फिर द्विपक्षीय व्यापार के ज़रिए देना चाहता है. लेकिन अपनी निराशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इस ओर दिलचस्पी ही नहीं है. प्रधानमंत्री वाजपेयी ने ऐसा ही बयान हाल में विदेशों में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भी दिया था. पर्यवेक्षक मान रहे हैं प्रधानमंत्री वाजपेयी के ताज़ा बयानों के बाद भारत-पाकिस्तान संबंध के बेहतर होने पर प्रश्नचिन्ह लग गया है. |
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