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अमरीकी सीनेट ने दिया बुश को झटका
अमरीकी सीनेट ने फ़ैसला किया है कि इराक़ के पुनर्निर्माण के लिए दी जाने वाली 20 अरब डॉलर की राशि में से आधी को कर्ज़ में तब्दील कर दिया जाए. इस फ़ैसले से राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को झटका लगा है. रिपब्लिकनों की बहुमत वाली सीनेट ने दस अरब डॉलर को कर्ज़ में बदलने के प्रस्ताव को 47 के मुक़ाबले 51 वोटों से पारित किया. सीनेट ने कहा है कि यदि दुनिया के बाक़ी देश पुरानी सरकार पर बक़ाया अपना कर्ज़ माफ़ करने के लिए तैयार हो जाते हैं तो यह कर्ज़ अनुदान में बदला जा सकता है. दूसरी ओर बुश प्रशासन ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि इस कर्ज़ से पहले से कर्ज़ में डूबे इराक़ पर बोझ बढ़ जाएगा और अरब देशों को अमरीका के इरादों पर शक करने का एक और मौक़ा मिल जाएगा. लेकिन इस कर्ज़ का समर्थन करने वाले रिपब्लिकन सांसद लिंडसी ग्राहम ने कहा है, '' लोगों को यह समझाना कठिन है कि हमने एक ऐसे देश को बीस अरब डॉलर का अनुदान दिया है जो हर साल एक खरब का तेल ही बेचता है.'' विश्लेषकों का कहना है कि इससे यह ज़ाहिर होता है कि सांसद इराक़ में हो रहे भारी भरकम ख़र्च से चिंतित हैं, विशेषकर जब चुनाव को एक ही वर्ष बचे हों. अब इस प्रस्ताव को अमरीकी संसद की निचली सभा में पारित होने के लिए भेजा जाएगा. दरअसल जॉर्ज बुश चाहते हैं कि यह प्रस्ताव दानदाताओं के सम्मेलन से पहले पारित हो जाए. सम्मेलन 23 अक्टूबर को होना है. कोशिश पूरी की
वे चाहते हैं कि इराक़ के पुनर्निर्माण का पूरा पैसा अमरीका के टैक्स अदा करने वालों की जेबों से ही आए. रिपब्लिकन सांसद जॉन मैक्लेन का कहना था कि इस संशोधन से ये संकेत जाएंगे कि अमरीका इराक़ में सिर्फ़ तेल के लिए बना हुआ है. डेमोक्रेट सांसद टॉम डाशले का कहना था कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि सारा ख़र्च अकेला अमरीका ही वहन करता रहे. |
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