BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 16 अक्तूबर, 2003 को 11:02 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
इस्लाम और पश्चिमी देशों के रिश्तों पर चिंता
कोफ़ी अन्नान ख़ुद सम्मेलन में नहीं जा पाए
कोफ़ी अन्नान ने आतंक का रास्ता छोड़ने का सुझाव दिया है

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने पश्चिमी देशों और मुस्लिम दुनिया के बीच बढ़ते तनाव को 'कुरूप, ख़तरनाक और ग़लत' बताया है.

साथ ही उन्होंने 'आतंक' का रास्ता न अपनाने की सलाह भी दी है.

मलेशिया में हो रहे मुस्लिम देशों के सम्मेलन में अन्नान ख़ुद नहीं जा पाए लेकिन वहाँ उनका भाषण पढ़ा गया.

दरअसल वे इराक़, गज़ा और पश्चिमी तट के मामलों को सुलझाने में लगे हुए हैं.

लेकिन उन्होंने मलेशिया में जमा हुए 57 देशों के लिए अपना संदेश ज़रूर भेजा है.

फ़लस्तीन में इसराइली कब्ज़े की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि इसराइल में जो आत्मघाती हमले किए जा रहे हैं वह 'आतंक की कार्रवाई' है और इससे फ़लस्तीनी राष्ट्र की माँग पर असर पड़ सकता है.

कोफ़ी अन्नान का कहना था कि सभी धार्मिक आस्थाओं के चरमपंथी लोग ताक़तवर होते जा रहे हैं और दुनिया को उनको रोकना चाहिए.

उन्होंने कहा कि मुस्लिम ज़्यादा महत्वपूर्ण काम कर सकते हैं और वे इस तथ्य से वाकिफ़ भी हैं.

उनका कहना है कि यह सुनिश्चित करना भी ज़रूरी है कि मुस्लिमों के पास उनके मूलभूत अधिकार हों.

इससे पहले सम्मेलन के अध्यक्ष और मेज़बान डॉ महातिर मोहम्मद ने कहा कि उनकी राय में दुनिया पर "गुप्त रुप से यहूदियों का ही राज है."

हालांकि उनके भाषण में शिक्षा और मुसलमानों के बीच एकता को बढ़ावा देने पर ही ज़ोर था.

डॉ महातिर ने कहा कि यहूदियों ने अपनी तरक्की के लिए लोकतंत्र, समाजवाद और मानवाधिकार को बढ़ाया है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>