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बाली की रौनक़ लौट रही है
मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं नशे में धुत्त ऑस्ट्रेलियाइयों के एक झुंड में अपने को ख़ुश पाऊँगा. बाली में पर्यटकों में लोकप्रिय रहा कुटा इलाक़ा एक बार फिर अपने पुराने दिनों की ओर लौट चुका है और इसकी जानी-पहचानी रौनक़ वापस लौट रही है. दुनिया भर के पर्यटक चहलक़दमी करते दिखने लगे हैं. हालाँकि अब भी पर्यटकों की संख्या कम है लेकिन ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक भी दिखने लगे हैं. वैसे अब भी ज़्यादातर पर्यटक ताइवानी या फिर इंडोनेशिया के हैं. पिछले साल अक्तूबर में बम कांड के बाद बाली की सड़कें सड़क वीरान-सी दिखने लगी थीं. शुरू में पर्यटकों ने बेरुख़ी दिखाई और बाद में धंधे में मंदी की वजह से दुकानदारों ने अपने व्यवसाय भी बंद करने शुरू कर दिए थे. लौटी रौनक़ पिछले साल बम विस्फोट के एक महीने बाद आयोजित हिंदू रीति के एक शुद्धीकरण कार्यक्रम के लिए जब मैं बाली लौटा था तो कुटा और आसपास के इलाक़े वीरान लग रहे थे.
इसलिए अब दोबारा बाली में पर्यटकों की भीड़ को देखना अच्छा लगता है. मैं विस्फोट की मार झेल चुके सारी क्लब से मात्र 200 मीटर दूर स्थित जूते की एक दुकान पर गया. मुझे याद है कि दुकानदार मुहायातस्या विन ने पिछले साल कहा था कि वह अब धंधे में बने नहीं रहना चाहते. लेकिन वह अब भी दुकान चला रहे हैं. वैसे उन्होंने माना कि पहले जैसा व्यवसाय अब भी नहीं हो रहा. |
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