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तुर्क सैनिकों को भेजने पर चिंता जताएँगे इराक़ी
इराक़ में शासकीय परिषद के सदस्य अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर से मिलेंगे. वे उन्हें तुर्की के सैनिकों को इराक़ भेजने की योजना के बारे में अपनी चिंता से अवगत कराएँगे. अमरीका द्वारा नियुक्त परिषद के 15 सदस्य पहले ही कह चुके हैं कि अपने यहाँ किसी भी पड़ोसी देश से सेना नहीं चाहते. ये सदस्य पहले इस बारे में एक औपचारिक बयान जारी करनेवाले थे मगर बाद में उन्होंने कहा कि वे बस ‘चिंतित’ हैं. परिषद में कुर्द समुदाय के प्रतिनिधि विशेष रूप से तुर्क सैनिकों के भेजे जाने का विरोध कर रहे हैं. इराक़ के कुर्द समुदाय और तुर्की के बीच संबंध अच्छे नहीं हैं और उनमें तनाव है. बग़दाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना परिषद की आपत्तियों के बावजूद तुर्क सैनिकों को तैनात कर सकते हैं. मगर संवाददाता के अनुसार इससे परिषद की विश्ववसनीयता को चोट पहुँचेगी और लोगों में फिर ये संदेश जाएगा कि असली कर्ता धर्ता अमरीकी हैं उनके अपने इराक़ी नहीं. तुर्क सैनिक अगर इराक़ भेजे जाते हैं तो तुर्की ऐसा करनेवाला पहला मुसलिम देश होगा. तुर्की की संसद ने मंगलवार को इराक़ सैनिक भेजने की सरकार की योजना को समर्थन दे दिया था. |
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