
असांज ने इक्वाडोर के दूतावास में शरण ले रखी है
इक्वाडोर ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को शरण दे दी है. असांज दो महीने से लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में रह कर अपने ख़िलाफ प्रत्यर्पण का मुकदमा लड़ रहे हैं.
इक्वाडोर ने ये कहते हुए उन्हें अपने यहाँ पनाह दी है कि असांज के मानवाधिकारों के हनन का ख़तरा है.
इक्वाडोर के विदेश मंत्री रिकार्डो पातिनो ने ब्रिटेन पर आरोप लगाया है कि वो लंदन स्थित उनके देश के दूतावास में असांज को गिरफ़्तार करने के लिए खुली धमकी दे रहा है.
असांज जून के महीने में स्वीडन प्रत्यर्पित किए जाने के डर की वजह से लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में चले गए थे. स्वीडन में उनसे बलात्कार के मामले में पूछताछ की जानी है लेकिन असांज इस आरोप को ख़ारिज करते हैं.
इक्वाडोर के फ़ैसले की घोषणा करते हुए विदेश मंत्री रिकार्डो पातिनो ने कहा कि असांज का राजनीतिक प्रताड़ना का डर सही है.
अपील ख़ारिज
"विभाग इस बात से हैरान है कि इक्वाडोर जूलियन असांज को राजनीतिक शरण देने पर विचार कर रहा है."
ब्रिटेन का विदेश विभाग
इससे पहले ब्रिटेन के सर्वोच्च न्यायालय ने असांज की उस अपील को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने प्रत्यर्पण संबंधी कार्रवाई पूरी होने से पहले उन्हें दो हफ्ते की मोहलत देने की अपील की थी.
असांज को जबरन हिरासत में लेने का ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इक्वाडोर के दूतावास के पास पुलिस फटकते ही असांज के समर्थक लामबंद हो जाते हैं.
इस बीच बीबीसी संवाददाता बेन एंडो के मुताबिक असांज की गिरफ्तारी के लिए जबरन दूतावास में घुसने की इस कार्रवाई से दोनों ही देश बचने की कोशिश करेंगे.
असांज के मुताबिक उन्हें सलाह दी गई है कि शरण से जुड़े कानूनों को प्रत्यर्पण के कानूनों पर वरीयता मिलती है.
विकीलीक्स के लिए काम करने वाली दो महिलाओं ने 2010 में असांज पर बलात्कार और यौन शोषण के आरोप लगाए थे. इन्हीं आरोपों के सिलसिले में स्वीडिश अभियोजक उनसे पूछताछ करना चाहते हैं. वहीं असांज का कहना है कि इस मामले में यौन संबंध सहमति से बनाए गए थे.
विकीलीक्स वेबसाइट ने कई गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, जिसके कारण कई सरकारों को शर्मसार होना पड़ा था.
असांज को डर है कि अगर उन्हें स्वीडन भेजा गया तो उन्हें अमरीका भी भेजा जा सकता है और विकीलीक्स मामले में उन पर मुकदमा चल सकता है और उन्हें मौत की सजा भी हो सकती है.








