
असांज ने इक्वाडोर के दूतावास में शरण ले रखी है
विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज ने बीबीसी को बताया है कि प्रत्यर्पण का नोटिस मिलने के बाद उनका पुलिस स्टेशन नहीं जाना लगभग तय है.
मेट्रोपोलिटन पुलिस की प्रत्यर्पण यूनिट के अधिकारियों ने गुरुवार को असांज को इक्वेडोर के लंदन स्थित दूतावास में क्लिक करें नोटिस दिया था.
असांज ने वहाँ पर पिछले हफ्ते शरण ली थी और वह इक्वेडोर से राजनयिक शरण माँग रहे हैं जिससे उनका स्वीडन को प्रत्यर्पण रुक सके. उन पर बलात्कार और यौन शोषण के आरोप हैं.
असांज के मुताबिक उन्हें सलाह दी गई है कि शरण से जुड़े कानूनों को प्रत्यर्पण के कानूनों पर वरीयता मिलती है.
इससे पहले स्कॉटलैंड यार्ड की ओर से कहा गया था कि इस नोटिस के बाद 40 वर्षीय असांज को 'हमारी सुविधा वाले समय पर' एक पुलिस स्टेशन पहुँचना होगा.
मगर असांज से बीबीसी के न्यूजनाइट कार्यक्रम में जब ये पूछा गया कि क्या वह पुलिस स्टेशन जाएँगे तो उन्होंने कहा, "हमारी सलाह है कि शरण से जुड़े कानून अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर प्रत्यर्पण के कानूनों पर वरीयता पाते हैं इसलिए लगभग तय है कि नहीं."
बयान
विकीलीक्स के लिए काम करने वाली दो महिलाओं ने 2010 में असांज पर बलात्कार और यौन शोषण के आरोप लगाए थे. इन्हीं आरोपों के सिलसिले में स्वीडिश अभियोजक उनसे पूछताछ करना चाहते हैं. वहीं असांज का कहना है कि इस मामले में यौन संबंध सहमति से बनाए गए थे.
विकीलीक्स वेबसाइट ने कई गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, जिसके कारण कई सरकारों को शर्मसार होना पड़ा था.
असांज को डर है कि अगर उन्हें स्वीडन भेजा गया तो उन्हें अमरीका भी भेजा जा सकता है और विकीलीक्स मामले में उन पर मुकदमा चल सकता है और उन्हें मौत की सजा भी हो सकती है.
बीबीसी को भेजे अपने संक्षिप्त बयान में स्कॉटलैंड यार्ड ने कहा है- प्रत्यर्पण के मामलों में ये एक सामान्य प्रक्रिया है और ये पूरी प्रक्रिया का पहला कदम है. उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है. अगर उन्होंने समर्पण नहीं किया तो ये उन शर्तों का उल्लंघन माना जा जाएगा और वे गिरफ्तार भी हो सकते हैं.
अंतरराष्ट्रीय राजनयिक व्यवस्थाओं के तहत पुलिस दूतावास के अंदर जाकर असांज को गिरफ्तार नहीं कर सकती.








