भज्जू श्याम के चित्रों की दुनिया

पहले ओजस आर्ट अवार्ड के लिए गोंड आदिवासी लोक कलाकार भज्जू श्याम को चुना गया है.

गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल की ओर से पहले ओजस आर्ट अवार्ड के लिए गोंड आदिवासी लोक कलाकार भज्जू श्याम को चुना गया है. सभी तस्वीरें फ़ोटो पत्रकार प्रकाश की हैं.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, उनकी पेंटिंग्स गोंड चित्रकारी का बेहतरीन उदाहरण कही जा सकती हैं. भज्जू श्याम की पेंटिंग्स आज दुनिया भर में जानी जाती हैं.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, मध्य प्रदेश के पाटनगढ़ गांव में 1971 में जन्मे भज्जू श्याम ने बचपन में कलाकार बनने के बारे में बहुत ज्यादा नहीं सोचा होगा.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, उनकी मां घर की दीवारों पर पारंपरिक चित्र बनाया करती थीं और दीवार के उन हिस्सों पर जहां उनके हाथ नहीं पहुंच पाते थे, भज्जू श्याम मां की मदद के लिए तैयार रहा करते थे.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, पाटनगढ़ में ग़रीबी का ये आलम था कि भज्जू श्याम के घर में स्कूल भेजे जाने लायक तीन बच्चे थे लेकिन सहूलियतें एक के ही लिए थीं. एक के लिए किताबें थीं, दूसरे के लिए यूनीफॉर्म था और तीसरे के लिए स्कूल बैग.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, लेकिन हक़ीक़त ये थी कि भज्जू तीन भाई थे और स्कूल जाने के लिहाज से ये स्थिति मुश्किल भरी थी.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, इसलिए 16 साल की उम्र में भज्जू काम की तलाश में भोपाल आ गए. उन्हें रात में पहरेदारी का काम मिला. ये काम तब तक जारी रहा जब तक कि भज्जू के एक चाचा ने उन्हें साथ काम करने का अवसर दिया.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, भज्जू के चाचा जनगढ़ सिंह श्याम उस वक़्त के सबसे प्रतिभाशाली गोंड कलाकारों में गिने जाते थे. जनगढ़ सिंह श्याम को इसलिए भी याद किया जाता है कि उन्होंने गोंड चित्रकारी को गांव की सरहदों से बाहर निकालकर दुनिया के सामने पेश किया.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, जनगढ़ सिंह श्याम के बड़े कैनवस में रंग भरते-भरते भज्जू श्याम की प्रतिभा उभरकर सामने आने लगी और एक दिन वो वक़्त आ गया जब भज्जू श्याम को उनके चाचा ने कहा कि अब वे अकेले इस सफ़र पर आगे बढ़ सकते हैं.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, और भज्जू की कलायात्रा भारत के तमाम हिस्सों को छूती हुई 1998 में अंतरराष्ट्रीय फ़लक पर उतरी.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, उन्हें पहला मौक़ा पेरिस की एक कला प्रदर्शनी में मिला और इसके बाद उनकी कला ब्रिटेन, जर्मनी, हॉलैंड और रूस में प्रदर्शित की गई. साल 2001 में उन्हें 'बेस्ट इंडीजीनस आर्टिस्ट' के अवार्ड से नवाज़ा गया.
गोंड कलाकार भज्जू श्याम की पेंटिंग
इमेज कैप्शन, उनकी तस्वीरें कई किताबों की शक्ल ले चुकी हैं, 'दी लंदन जंगल बुक', 'दी नाइट लाइफ़ ऑफ ट्रीज़', 'फ्लाइट ऑफ़ मरमेड', 'दैट्स हाउ आई सी थिंग्स.' इनका प्रकाशन तारा बुक्स ने किया है.