देख बहारें होली की...
ज़रा सोचिए कि रंग न होते तो क्या होता. कभी सोचा है धनक के सातों रंगों ने मिलकर जाने कितने रंग गढ़ें होंगे. होली क़ुदरत के इसी फ़लसफ़े को बयां करती है.










ज़रा सोचिए कि रंग न होते तो क्या होता. कभी सोचा है धनक के सातों रंगों ने मिलकर जाने कितने रंग गढ़ें होंगे. होली क़ुदरत के इसी फ़लसफ़े को बयां करती है.









