अल नूर पहाड़ी पर हाजी

सालाना हज यात्रा से पहले मुस्लिम तीर्थयात्री अल नूर पहाड़ी तक पहुंचे. माना जाता है कि यह वही पहाड़ी है जहां मोहम्मद साहब को पहली बार इल्हाम हुआ था.

मुस्लिम तीर्थयात्री, हज, अल नूर पहाड़, मक्का
इमेज कैप्शन, सालाना हज यात्रा से पहले मुस्लिम तीर्थयात्री अल नूर पहाड़ी तक पहुंचे. अल नूर पहाडी में घर-ए-हिरा यानी हिरा गुफ़ा है. माना जाता है कि मोहम्मद साहब ने यहां काफ़ी वक़्त गुज़ारा था. यह भी माना जाता है कि इसी गुफ़ा में उन्हें पहली बार इल्हाम हुआ था.
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इमेज कैप्शन, ग्रेनाइट के बड़े-बड़े पत्थरों वाली क़रीब 660 मीटर ऊंची अल नूर पहाड़ी मक्का के पवित्र माने जाने वाले शहर के किनारे मौजूद है. दर्जनों हजयात्री हिरा गुफ़ा के दीदार के लिए यहां हर साल पहुंचते हैं.
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इमेज कैप्शन, मुसलमान मानते हैं कि यही वह गुफ़ा है जहां अल नूर की चोटी पर 1400 साल पहले जिबरील ने मोहम्मद साहब के सामने ख़ुदा का संदेश दिया.
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इमेज कैप्शन, हज से पहले मक्का पहुंचे सभी उम्र के महिला और पुरुष पहाड़ी पर चढ़ते हैं. कुछ मन में इबादत करते हैं तो बहुत से लोग धीरे-धीरे क़ुरान की आयतें पढ़ते हुए निकलते हैं.
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इमेज कैप्शन, क़रीब 25 से 30 लाख हजयात्री सालाना मक्का में हज के लिए आते हैं. मुसलमान इसे कर्तव्य की तरह मानते हैं कि सभी सेहतमंद लोगों को ज़िंदगी में कम से कम एक बार हज ज़रूर करना चाहिए.
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इमेज कैप्शन, इस्लामिक इतिहास में गुफ़ा की अहमियत के बावजूद अल नूर पहाड़ी पर लोगों के जाने को धार्मिक पुलिस ज़्यादा प्रोत्साहित नहीं करती.
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इमेज कैप्शन, वहाबी विद्वान मानते हैं कि इस्लामिक इतिहास की अहम जगहों या अहम मुस्लिम शख़्सियतों के मक़बरों पर इबादत से मज़हब की एकेश्वरवादी शुद्धता पर असर पड़ता है.
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इमेज कैप्शन, मक्का आने के बाद मुस्लिम तीर्थयात्री पवित्र काबा का सात बार चक्कर लगाकर तवाफ़-अल-क़ुदूम करते हैं. इसके साथ-साथ उनकी इबादत जारी रहती है.
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इमेज कैप्शन, हज के पहले आधिकारिक दिन सभी तीर्थयात्री मीना तक सफ़र करते हैं. मीना मक्का के पूर्व में एक छोटा सा गांव है. मीना में हजयात्री पूरा दिन पूजा-पाठ में बिताते हैं और इसके बाद वे पास में मौजूद एक पहाड़ी अराफ़ात का रुख़ करते हैं.
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इमेज कैप्शन, हजयात्री इसके बाद एक खुले हुए मैदान की तरफ़ जाते हैं जिसे मुज़्दालिफ़ा कहा जाता है. अराफ़ात और मीना में मौजूद मैदान से वे पत्थर इकट्ठा करते हैं. इन पत्थरों को बाद में वे हज के आख़िरी दिन उन खंभों पर फेंकते हैं जो शैतान की नुमाइंदगी करते हैं.
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इमेज कैप्शन, सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रा को ठीक से संपन्न कराने के लिए इस साल क़रीब एक लाख सुरक्षाकर्मियों को लगाया है.