मगरमच्छ इनके यार हैं

जमैका में मगरमच्छ के मांस और अंडों की खूब मांग हैं, ऐसे में वहां उनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. लेकिन एक व्यक्ति ने उन्हें बचाने का बीड़ा उठाया है.

ये हैं मगरमच्छ प्रेमी लॉरेंस हेनरिक्स जो सात फुट लंबी मादा मगरमच्छ की पूंछ को थपथपा रहे हैं. लॉरेंस ने जमैका के कैसकेड शहर में मगरमच्छों के लिए संरक्षण गृह स्थापित किया है.
इमेज कैप्शन, ये हैं मगरमच्छ प्रेमी लॉरेंस हेनरिक्स जो सात फुट लंबी मादा मगरमच्छ की पूंछ को थपथपा रहे हैं. लॉरेंस ने जमैका के कैसकेड शहर में मगरमच्छों के लिए संरक्षण गृह स्थापित किया है.
जमैका के बाजार में मगरमच्छ के मांस और अंडों की खूब मांग हैं. ऐसे में इस बात का खतरा बढ़ गया है कि कहीं ये जीव गायब ही न हो जाए.
इमेज कैप्शन, जमैका के बाजार में मगरमच्छ के मांस और अंडों की खूब मांग हैं. ऐसे में इस बात का खतरा बढ़ गया है कि कहीं ये जीव गायब ही न हो जाए.
ये है दो साल का मगरमच्छ जिसका नाम रखा गया है सिलवेस्टर. उसे भी लॉरेंस हेनरिक्स के मगरमच्छ संरक्षण गृह में रखा गया है. दक्षिणी जमैका में कभी मगरमच्छ बड़ी संख्या में पाए जाते थे.
इमेज कैप्शन, ये है दो साल का मगरमच्छ जिसका नाम रखा गया है सिलवेस्टर. उसे भी लॉरेंस हेनरिक्स के मगरमच्छ संरक्षण गृह में रखा गया है. दक्षिणी जमैका में कभी मगरमच्छ बड़ी संख्या में पाए जाते थे.
ऐसे दलदली इलाके घट रहे हैं जहां मगरमच्छ रहते हैं. हालांकि जमैका में 1971 में मगरमच्छों के संरक्षण के कानून बन गया था.
इमेज कैप्शन, ऐसे दलदली इलाके घट रहे हैं जहां मगरमच्छ रहते हैं. हालांकि जमैका में 1971 में मगरमच्छों के संरक्षण के कानून बन गया था.
मगरमच्छों की घटती संख्या के लिए उनका बढ़ता शिकार भी एक बड़ा कारण माना जाता है.
इमेज कैप्शन, मगरमच्छों की घटती संख्या के लिए उनका बढ़ता शिकार भी एक बड़ा कारण माना जाता है.
लॉरेंस का मानना है कि जमैका के लोगों को इस जीव पर मंडराते खतरे के बारे में जागरुक बनाने की जरूरत है क्योंकि लोग या तो उन्हें समस्या के तौर पर देखते हैं या फिर वे उनके मांस को भून कर खाने के शौकीन हैं.
इमेज कैप्शन, लॉरेंस का मानना है कि जमैका के लोगों को इस जीव पर मंडराते खतरे के बारे में जागरुक बनाने की जरूरत है क्योंकि लोग या तो उन्हें समस्या के तौर पर देखते हैं या फिर वे उनके मांस को भून कर खाने के शौकीन हैं.