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रिवेंज पोर्न का उत्पीड़न झेलने वाली एक लड़की की कहानी
- Author, हेना प्राइस और थिए डे गालिएर
- पदनाम, बीबीसी थ्री
"मैं तो सिर्फ़ यह चाहती थी कि लोग मुझे पसंद करें. मैंने ये इसलिए किया ताकि मैं ख़ुद को ज़्यादा लोकप्रिय बना सकूं लेकिन इसका बिलकुल उल्टा असर हुआ."
ब्रितानी डेटिंग रियलिटी शो लव आईलैंड की पूर्व स्टार ज़ारा मैकडरमॉट उस दौर की बात कर रही हैं, जब वह सिर्फ़ 14 साल की थीं. वह ज़ारा की ज़िंदगी का बेहद भयावह दौर था जब स्कूल में साथ पढ़ रहे एक लड़के के दबाव में उन्होंने उसे अपनी कुछ अंतरंग तस्वीरें उसे भेज दी थीं.
स्कूल में बिताए ज़ारा के दिन अच्छे नहीं थे. उन पर दबाव बनाया गया. वह अकेलापन महसूस करती थीं. उन्होंने सोचा कि अगर वो लड़का उन्हें पसंद करने लगा तो क्लास के साथियों के बीच उनका कद बढ़ जाएगा. लेकिन उस लड़के ने पूरे स्कूल में उनकी तस्वीर शेयर कर दी और फिर चीज़ें बिगड़ती चली गईं.
ज़ूम कॉल के ज़रिए एक बातचीत के दौरान ज़ारा ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि आख़िर उन्होंने ऐसा क्यों किया.
उन्होंने कहा, यह सब उनकी ज़िंदगी के बेहद अहम वक़्त में हुआ था. ये वो वक़्त होता है जब आप ख़ुद को तलाशते हैं और थोड़े वयस्क होने की ओर बढ़ते हैं.
बेहद अंधकारमय दौर
ज़ारा बताती हैं, "ये मेरी ज़िंदगी का इतना अंधकार से भरा समय था कि मैं बुरी तरह छिपने की कोशिश करने लगी थी. उन तस्वीरों के फैलने के कुछ दिन बाद मैं बेहद परेशान हो गई थी. मुझे याद है, मैं ठीक से खा भी नहीं पाती थी. मेरे लिए ठीक से सोना मुश्किल हो रहा था. मेरा मिजाज़ बिल्कुल डूबा सा रहता था. मैं पस्त हो चुकी थी और मुझे लगता था कि अब मैं कभी उबर नहीं पाऊंगी".
मैं इस मोड़ पर पहुंच चुकी थी कि मुझमें ख़ुदकुशी के ख्याल आने लगे थे. समझ लीजिये, यह कितना बुरा दौर था. मुझे पता था कि तस्वीरें बाहर आने के बाद मेरी और बुलिइंग होगी. इन्हें मैं बर्दाश्त नहीं कर सकी. आज तक इन चीज़ों का असर मुझ पर है."
बीबीसी थ्री की एक डॉक्यूमेंटरी 'ज़ारा मैकडरमॉट : रिवेंज पॉर्न' में रिवेंज पॉर्न के असर को दिखाया गया है. रिवेंज पॉर्न का मतलब किसी की सहमति के बगैर उसकी अंतरंग तस्वीरों को शेयर करना होता है. अक्सर यह दुर्भावना और बदला लेने की नीयत से किया जाता है. डॉक्युमेंट्री में दिखाया गया है कि लोगों को किस तरह रिवेंज पॉर्न का शिकार बनाया जाता है.
डॉक्युमेंटरी यह भी बताती है कि ऐसे लोगों के लिए मदद की कैसी व्यवस्था है.
ज़ारा के साथ यह पहली बार नहीं था जब उन्होंने किसी पर भरोसा किया और उनकी अंतरंग तस्वीरें खुलेआम बाँट कर इसे तोड़ा गया. 2018 में 21 साल की उम्र में जब वह लव आईलैंड में आईं तब भी ऐसे ही करतूत की शिकार हुईं.
उस वक्त भी उनकी तस्वीरें कई वॉट्सग्रुप पर भेजी गईं. लेकिन लव आई लैंड विला में उनके पास फ़ोन नहीं था. इसलिए वह इनसे अनजान थीं.
इस शो को छोड़ने के बाद लव आईलैंड के एक पब्लिशिस्ट ने होटल आकर उन्हें इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कैसे ज़ारा की अंतरंग तस्वीरें तेजी से फैल रही हैं. लेकिन तब तक यह स्टोरी प्रेस में जा चुकी थी.
डॉक्युमेंट्री की शूटिंग के दौरान ज़ारा ने कहा, "मेरे लिए यह बताना बड़ा मुश्किल है कि उस दौरान में कैसा महसूस कर रही थी. ऐसा लग रहा था आपके माता-पिता आपकी वजह से शर्म से गड़ गए हों. क्या मैं उनकी नज़र में पहले वाली ज़ारा रह गई थी? मेरे लिए वो बेहद शर्मनाक दौर था. ऐसा लग रहा था कि बस अब मर जाऊं."
दुनिया के सामने दो बार आईं अंतरंग तस्वीरें
ज़ारा का कहना है कि लव आईलैंड में आने से पहले जिस शख़्स से उन्होंने मिलना-जुलना शुरू किया था उसी ने ये तस्वीरें फैलाई थीं. जब ज़ारा की दोस्त ने उस शख़्स से इस बारे में पूछा तो उसने इसमें अपना हाथ होने से साफ़ इनकार कर दिया.
अपने बेहद निजी पलों का एक बार नहीं दो-दो बार दुनिया के सामने खुल जाने से ज़ारा पर जो आफतें आईं, उससे उनका ग़ुस्सा समझा जा सकता है.
उनका ग़ुस्सा सिर्फ़ उन लोगों के ख़िलाफ़ नहीं था, जिन्होंने उनकी तस्वीरें शेयर की थीं, बल्कि वह इन घटनाओं पर लोगों की प्रतिक्रियाओं से नाराज़ थीं. अपनी ऑनलाइन ट्रोलिंग से वह खफ़ा थीं क्योंकि लोग उन्हीं पर आरोप लगा रहे थे. लोग यह नहीं देख रहे थे कि बगैर इजाज़त के उनकी तस्वीरें शेयर की गईं बल्कि वे इन बात पर जोर दे रहे थे कि ज़ारा ने किसी को अपनी ये तस्वीरें भेजीं क्यों?
लोग यह जानकर ही भौचक थे कोई अपने पार्टनर को अपनी अंतरंग तस्वीरें कैसे भेज सकता है. लेकिन आजकल अपने साथी को ऐसी तस्वीरें भेजना आम है. लोगों को यह पच नहीं रहा था कि क्योंकि समाज में इसे टैबू यानी निषिद्ध माना जाता है.
ज़ारा कहती हैं, "समस्या तब होती है जब लोग कहते हैं कि उसने ऐसा क्यों किया? यह कहते हुए लोग अपनी नाक ऊंची कर चल देते हैं".
ज़ारा कहती हैं, "मैंने एक आर्टिकल के नीचे कमेंट पढ़ा. इसमें लिखा था मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि ज़ारा रिवेंज पॉर्न पर जागरूकता फैलाने के अभियान में क्यों लगी हैं. इंस्टाग्राम पर तो वह बिकनी में पोज दिए फिरती हैं."
ज़ारा का कहना है, ''लोग इस बात को बिल्कुल समझ नहीं पाए हैं. मुझे पूरी तरह अपमानित किया गया. मेरा भरोसा तोड़ा गया. इस तरह की करतूत को अंजाम देकर किसी ने क़ानून तोड़ा. लेकिन बिकनी पहन कर इंस्टाग्राम पर फोटो अपलोड करना क़ानून की नज़र में कोई अपराध नहीं है. "
'मेरे पूर्व प्रेमी ने मेरी न्यूड तस्वीरें इंस्टाग्राम स्टोरी पर डालीं'
ज़ारा अकेली नही हैं जिनके साथ ऐसा हुआ है.
यौन दुर्व्यवहार के मामलों पर काम करने वाले सामाजिक संगठन सेफलाइन का कहना है रिवेंज पॉर्न के सबसे ज्यादा मामलों की रिपोर्टिंग टीनएजर्स और 20 से 30 साल उम्र के बीच के लोग करते हैं.
क्लोई का ही मामला लीजिये- जब वह किशोरी थीं तो एक दिन बस से काम से घर लौट रही थीं. उसी वक़्त उन्हें स्नैपचैट से एक मैसेज मिला. एक ऐसे अकाउंट से जिसे वह नहीं जानती थीं.
उन्होंने इसे खोला तो सन्न रह गईं. इसमें उनकी न्यूड तस्वीर थी. मैसेज में लिखा था अगर आज शाम आठ बजे तक इस अकाउंट पर अपनी और अंतरंग तस्वीरें नहीं भेजीं तो उनकी और भी न्यूड तस्वीरें हर जगह पोस्ट कर दी जाएंगीं.
अपने पूर्व प्रेमी के साथ उन्होंने जो तस्वीरें शेयर की थीं, वे उन्हें लगातार मिलती रहीं. कुछ ही घंटों के बाद उनके एक एक दोस्त ने फ़ोन किया.
उन्होंने कहा, "क्लोई तुमने ये इंस्टाग्राम पर क्या बेहूदी हरकत की हुई है? क्लोई कहती हैं, "मेरा पूर्व प्रेमी मानसिक तौर पर मुझे प्रताड़ित करता था. उसने अंदाज़ा लगा कर मेरा पासवर्ड तोड़ लिया था और मेरी इंस्टाग्राम स्टोरी पर ये तस्वीरें डाल दीं."
"मेरे जेहन में पहली बात यही आई कि अगर मेरे परिवार के किसी शख्स ने इन्हें देख लिया तो क्या होगा? मेरे दोस्तों को इसका पता चला तो क्या होगा. ये तस्वीरें फिर एक से दूसरे के पास जा-जा कर घूमती रहेंगी और मैं बदनाम हो जाऊंगी. इन तस्वीरों की चर्चा मेरे दफ्तर तक भी पहुंच सकती है और मैं नौकरी से निकाल दी जाऊंगी."
"मेरे दिमाग़ में लाखों बातें आ रही थीं. मैं बुरी तरह परेशान थी. दिमाग में उथल-पुथल मची थी. समझ नहीं पा रही थी कि क्या करूं."
आंखों में आंसू भर कर क्लोई ने अपने अनुभव सुनाते हुए कहा कि मुझे अपने माता-पिता से इस बारे में बात करते हुए बेहद डर लग रहा था.
क्लोई ने बताया, "मुझे याद है, उस रात मैं घर आई और अकेले अपने कमरे में बैठ गई. सोचने लगी. अब मेरी जिंदगी में क्या रखा है? मेरे साथ जो कुछ हुआ, उसे समझना मेरे लिए मुश्किल हो रहा था. क्या मैं अब फिर किसी पर भरोसा कर सकूंगी?"
मेरे लिए ये बेहद बुरे दिन था. ज़िंदगी जैसे अंधेरे में डूब गई हो. मेरे दिमाग़ में ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के ख्याल आ रहा थे. मैं ख़ुद को बेकार समझने लगी थी. लगा मेरा कोई वजूद ही नहीं है."
हफ़्तों तक क्लोई इतनी डरी हुई थीं कि बाहर नहीं निकल पाईं. आख़िर एक दोस्त ने उन्होंने पब जाने के लिए मनाया. उस रात वहां लड़कों का एक ग्रुप आया. वे उम्र में उससे थोड़े बड़े थे. उन्होंने उसके 'हिलते हुए बूब्स' पर कमेंट किए. उन्होंने कहा कि उसकी तस्वीरें वॉट्सऐप ग्रुप पर भेज दी गई हैं.
क्लोई चाहती हैं कि लोग यह समझें कि अंतरंग तस्वीरों का दुरुपयोग किसी के मानसिक स्वास्थ्य को किस क़दर नुक़सान पहुंचा सकता है.
वह कहती हैं "सच कहूं तो मैंने अपने जीवन में ख़ुद को कभी इतना तुच्छ और अपमानित महसूस नहीं किया था. यह जानकर मुझे बड़ा झटका लगा था कि इन आवारा लड़कों ने मेरी उस तस्वीर को देख लिया है. और उन्हें ग्रुप चैट पर इसे भेजना कोई बड़ी बात नहीं लग रही है".
क़ानून क्या कहता है?
बग़ैर सहमति के किसी की अंतरंग फोटो या वीडियो को किसी दूसरे शख्स से शेयर करना अपराध है. लेकिन तभी, जब यह साबित किया जा सके. ये तस्वीरें किसी को शर्मसार करने या पीड़ा पहुंचाने के लिए शेयर की गई हैं. यह क़ानून 2015 में लाया गया था और इस तरह के अपराध के लिए दो साल तक जेल की सज़ा हो सकती है.
केट आईजैक नॉट योर पॉर्न कैंपेन चलाती हैं. वह कॉमर्शियल पॉर्न डिस्ट्रिब्यूटर्स के लिए बेहतर रेगुलेशन की मांग करती आ रही हैं ताकि बग़ैर सहमति के ली गई गई तस्वीरें या बनाए गए वीडियो को इंटरनेट पर आने से रोका जा सके.
वह कहती हैं, "ऐसी करतूतों के ख़िलाफ़ व्यावहारिक रूप से क़ानून लागू करना बड़ा मुश्किल है. आपको यह साबित करना पड़ता है कि फ़ोटो दुर्भावना से प्रेरित होकर शेयर की गई है. कोर्ट में इसे साबित करना बड़ा मुश्किल होता है. अभियुक्त का अपनी करतूत का बचाव करना बड़ा आसान होता है क्योंकि वे कहते हैं कि इन तस्वीरों को अपने दोस्तों को दिखाना भर चाहते थे. ये ग़लती से शेयर हो गए."
"जहाँ तक स्कूलों में छात्र-छात्राओं के बीच शेयर की जाने वाली तस्वीरों का सवाल है, जैसा कि ज़ारा के मामले में हुआ था तो बच्चों को यह समझना होगा कि जिनकी अंतरंग तस्वीरें शेयर की गई हैं, उन्हें दोषी नहीं माना जाएगा. उन्हें सहज होकर स्कूल या पुलिस में इसकी रिपोर्ट करनी चाहिए. उन्हें पता होना चाहिए रिपोर्ट करने से वे मुश्किल में नहीं फंसेंगे."
रिवेंज पॉर्न पीड़ित शख्स की ज़िंदगी के हर हिस्से को तबाह कर सकता है. उसकी कोई ग़लती नहीं होने पर भी उसे शर्म और पीड़ा में डूबो देता है. जो लोग इस अपराध के शिकार रहे हैं उन्होंने बताया है कि ऐसा लगता है कि उनकी पूरी दुनिया सिमट गई है.
उन्हें लगता है कि उसके सामने से गुजरने वाले हर शख्स ने उसकी तस्वीर देख ली है. कई मामलों में रिवेंज पॉर्न इसके शिकार लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को स्थायी नुक़सान पहुंचा सकता है.
बीबीसी थ्री ने जो आँकड़े साझा किए गए हैं, उनके मुताबिक़ 2020 में रिवेंज पॉर्न हेल्पलाइन में इस तरह की अंतरंग तस्वीरों के दुरुपयोग की रिपोर्टिंग 87 फ़ीसदी बढ़ गई थी. इनमें से 3136 केस दर्ज किए गए थे.
हेल्पलाइन ने इससे पहले इससे ज्यादा केस दर्ज होते नहीं देखे थे. इनमें से आधे मामले में लोगों को मेंटल हेल्थ सर्विसेज की मदद लेने के लिए भेजा गया. 45 लोगों ने बताया कि इंटरनेट पर अंतरंग तस्वीरें शेयर होने के बाद वे आत्महत्या करने की सोचने लगे थे.
हेल्पलाइन मैनेजर सोफी मोर्टाइमर ने बीबीसी थ्री से कहा कि अंतरंग तस्वीरों के दुरुपयोग के मामले चौंकाने वाली गति से बढ़ रहे हैं.
वह कहती हैं, "हफ़्ते दर हफ़्ते ऐसी करतूतों के ख़िलाफ़ हेल्पलाइन को रिपोर्ट करने वालों की संख्या बढ़ रही है. यहां तक कि कोरोना महामारी से फैलने से पहले भी इस तरह की रिपोर्टिंग काफ़ी बढ़ी हुई थी और हमारे लिए उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था.
वह कहती हैं, "हमें कुछ अतिरिक्त फंड मिला है, जिससे हम अपनी क्षमता थोड़ी बढ़ा सके हैं. लेकिन हमें मालूम नहीं है कि यह फंड मार्च के बाद भी चल सकेगा कि नहीं. "
हेल्पलाइन में सिर्फ़ तीन फुल-टाइम कर्मचारी हैं. लिहाजा गृह मंत्रालय से दरख्वास्त की गई है कि इसे और फंड मुहैया कराया जाए ताकि रिवेंज पॉर्न के शिकार लोगों की और ज्यादा मदद की जा सके.
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "यह घिनौना अपराध है. जो लोग इससे प्रभावित हैं उनसे हमारी गहरी सहानुभूति है."
"हमने इस तरह के क्रूर व्यवहार को 2015 में ग़ैरक़ानूनी घोषित कर दिया था. अब तक ऐसी करतूतों को अंजाम देने वाले 900 लोगों पर मुकदमा चलाया गया है. इनमें से 190 लोगों को सीधे जेल भेज दिया गया है."
"रिवेंज पॉर्न के शिकार लोगों की मदद करना हमारी प्राथमिकता है. इसलिए हम राहत मुहैया कराने वाली विशेषज्ञ सेवाओं पर 4 करोड़ पाउंड खर्च कर रहे हैं. हम रिवेंज पॉर्न हॉटलाइन को पर्याप्त फंड देते रहेंगे.
'मैंने अपराधी की तरह महसूस किया'
क्लोई ने अपने पूर्व प्रेमी के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत की थी. लेकिन पुलिस अफसरों ने चेताया कि अगर उसने ज्यादा दबाव डाला तो खुद मुश्किल में फंस सकती हैं क्योंकि उनकी उम्र 18 साल से कम है. 18 साल से कम उम्र के शख्स के लिए अपनी अंतरंग तस्वीर खींच कर भी उसे किसी को भेजना अपराध है. उन्हें चाइल्ड पोर्नोग्राफी कानून के तहत अपराधी करार दिया जा सकता है.
क्लोई कहती हैं, "उन पुलिस अफसरों के ये कहने पर मैं सोचने लगी थी. सही में यह मेरी ही ग़लती थी क्योंकि मैंने तस्वीरें भेजी थीं और यह अपराध था."
क्लोई कहती हैं कि इसके बाद वह खुद को ही दोषी मानने लगी थीं. काफी दिनों उनके मानसिक स्वास्थ्य पर इसका असर रहा. अब धीरे-धीरे यह खत्म हो रहा है.
क्लोई की तरह ज़ारा ने भी 14 साल की उम्र में ख़ुद को अपराधी मानना शुरू कर दिया, जब पहली बार उनकी तस्वीरें इंटरनेट पर शेयर हुई थीं. इस तरह की तस्वीर खींचने पर उन्हें स्कूल से सस्पेंड कर दिया गया था. जबकि उस लड़के को स्कूल से नहीं निकाला गया जिसने तस्वीरें शेयर की थीं.
ज़ारा कहती हैं, "मेरे दिमाग़ में जो चीज अटकी हुई थी वह यह कि मैं उस केस में 'अपराधी' थी. उस समय मेरी उम्र सिर्फ़ 14 साल थी. वह कहती हैं, ऐसे मामले में जो शिकार हुआ है, उसे ही ज़िम्मेदार ठहराया जाता है. इसके बाद वे ख़ुद को दोषी समझने लगते हैं और मदद मांगने से कतराने लगते हैं."
क्राउन प्रॉसिक्युशन सर्विस के प्रवक्ता ने कहा, "अगर दो हम उम्र बच्चों के बीच रिश्ते हों और सहमति से तस्वीरें शेयर की गई हैं तो जनहित में मामला चलाना ठीक नहीं होगा. दूसरे हालातों में मामला चलाया जा सकता है."
ज़ारा ने कहा कि उस वक्त उसे ऐसी कोई थेरेपी नहीं मिल सकी जिससे वह अपने मानसिक स्वास्थ्य पर रिवेंज पॉर्न के असर पर बात कर सकें. लेकिन वह सोचती हैं कि अगर वो इस पर किसी से बात कर पातीं तो यह उनके लिए बड़ी मददगार साबित हो सकती थी.
नॉट योर पोर्न अभियान से जुड़ीं केट कहती हैं कि रिवेंज पॉर्न को यौन दुर्व्यवहार की तरह गंभीरता से नहीं लिया जाता.
वह कहती हैं, "इस रवैये पर रोक लगानी होगी. हमें उस व्यक्ति पर आरोप मढ़ने से बचना होगा, जिसने तस्वीर ली है. बल्कि उस शख्स को कटघरे में खड़ा करना होगा जिसने तस्वीर शेयर की है. उन्हें यह बताना होगा कि यह ग़ैर-क़ानूनी है और यह पीड़ित लोगों को मानसिक और भावनात्मक तौर पर तोड़ सकता है."
रिवेंज पॉर्न का शिकार बनने पर क्या करें?
इस घटना को दस साल हो चुके हैं. ज़ारा को उम्मीद है कि उनकी डॉक्युमेंट्री रिवेंज पॉर्न और इसके नतीजों के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को जागरूक करेगी.
वह कहती हैं, "मैं चाहती हूं कि इस डॉक्युमेंट्री से लोगों को ताक़त मिले. उन्हें समझना होगा कि सिर्फ़ वही रिवेंज पॉर्न के शिकार नहीं हुई हैं. दुनिया में कई लोग इस त्रासदी से गुज़र चुके हैं. ज़ारा को ऐसे महिलाओं के मैसेज मिलते हैं जो बताती हैं कि वे भी अपनी अंतरंग तस्वीरों को किसी दूसरे शख्स की ओर से शेयर करने की करतूतों की शिकार रही हैं."
ज़ारा कहती हैं, "मैं चाहती हूं कि रिवेंज पॉर्न की शिकार महिलाओं को बेहतर मदद मिले. लोग उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा खुल कर बात करें. साथ ही इसके शिकार लोगों को ही इसके लिए कुसूरवार और जिम्मेदार ठहराना कम हो."
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